डेस्कः आमिर खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म 3 इडियट्स (3 Idiots) को एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) से प्रेरित बताया जाता है। हालांकि, ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ ने साफ-साफ नकार दिया है कि उनकी फिल्म सोनम वांगचुक पर बेस्ड नहीं है।गुरुवार को आमिर खान लंदन में लगान के प्रीमियर में शामिल हुए। इस दौरान जब अभिनेता से सोनम वांगचुक के बारे में पूछा गया तो अभिनेता ने 3 इडियट्स को लेकर हुई गलतफहमी पर फुल स्टॉप लगाते हुए कहा कि उनकी फिल्म सोनम वांगचुक पर बेस्ड नहीं है। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि जब फिल्म बन रही थी तो न तो उन्हें, न ही डायरेक्टर राजकुमार हिरानी और न ही राइटर अभिजात जोशी को वांगचुक के बारे में जानकारी थी।
आमिर खान ने कहा- असल में यह सच नहीं है।
आमिर खान ने ब्रिटिश फिल्म इस्टिट्यूट के एक इवेंट के दौरान कहा, “नहीं, असल में यह सच नहीं है। यह एक गलतफहमी है। जब हम फिल्म बना रहे थे, तब मुझे मिस्टर सोनम वांगचुक के बारे में पता नहीं था। मुझे पता है मैंने हाल ही में चतुर का एक वीडियो देखा, जिसमें उसने ऐसा कहा था। नहीं, वह गलत है। हो सकता है चतुर ऐसा सोच रहा हो, लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं कि न तो राजू, न ही अभिजात (दो लेखकों में से एक) और न ही मुझे सोनम के बारे में पता था। हालांकि, मिस्टर सोनम जो काम कर रहे हैं, वह वैसे भी बहुत अच्छा है। उनकी और उनके काम की इज्जत करने के लिए यह जरूरी नहीं है कि वे ‘3 इडियट्स’ के किरदार पर आधारित हों।”
सोनम वांगचुक के बारे में कही ये बात
आमिर खान ने यह बताया कि सोनम वांगचुक ने खुद साफ किया था कि वह किरदार उन पर आधारित नहीं था। उन्होंने आगे कहा, “मैं बस असल बात साफ करना चाहता था।” आगे सोनम वांगचुक की हंगर स्ट्राइक पर आमिर खान ने कहा, “हम सभी उसकी सेहत और जिंदगी को लेकर बहुत चिंतित हैं और हमें उम्मीद है कि सब कुछ ठीक-ठाक खत्म होगा। हम सब यही उम्मीद कर रहे हैं कि वह अपना उपवास खत्म करे और अपनी सेहत का ध्यान रखें।” इस इवेंट का वीडियो खूब वायरल हो रहा है और फैंस इसे निराशाजनक बताते हुए नजर आ रहे हैं।
चतुर ओमी वैद्य ने क्या कहा
वीडियो में ओमी वैद्य कहते हैं, “मेरे पास आप सभी के लिए एक बहुत जरूरी मैसेज है। मैं नहीं चाहता कि फुंसुख वांगड़ू मर जाएं। सोनम एक शिक्षक, इनोवेटर और शिक्षा सुधारक हैं। मुझे उनसे मिलने का मौका मिला। वे ईमानदार और इंस्पिरेशनल शख्स हैं। उन्होंने अपनी जिंदगी में कई शानदार काम किए हैं। अभी वह लंबे समय से भूख हड़ताल पर हैं। उनका ब्लड शुगर काफी लो हो चुका है, मुझे नहीं पता कि मीडिया इस बारे में कितना दिखा रहा है। ये बेहद गंभीर मामला है। उनकी शिक्षा व्यवस्था, लद्दाख और पर्यावरण से जुड़े कई मुद्दों को लेकर चिंताएं हैं। आप उनकी हम बात से सहमत हों या नहीं लेकिन मैं नहीं चाहता कि इस प्रेरणादायक इंसान की मौत हो जाए। हम अपनी व्यस्त जिंदगी में फंसे रहते हैं, लेकिन कुछ मिनट निकालकर इन मुद्दों को समझें। ये मुद्दे आपके, आपके परिवार या समाज से भी जुड़े हो सकते हैं। सोशल मीडिया पर इसे शेयर करें, आवाज उठाएं और जरूरत पड़े तो अपने जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाएं।”


