रांचीः मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से लाभुकों के सत्यापन का प्रभाव अब दिखने लगा है। इस योजना के 1.18 लाख लाभुक सत्यापन के बाद बाहर कर दिये गये हैं। इनमें उन लाभुकों की बड़ी संख्या है, जिनके राशन कार्ड रद्द हो चुके हैं। मंईयां योजना के लिए लाभुकों के पास राशन कार्ड होना जरूरी है।
लाभुकों की संख्या घटकर 49 लाख हुई
इधर, जांच के बाद अब तक तीन लाख से अधिक राशन कार्ड रद्द कर दिये गये हैं। वहीं लगभग 50 हजार ऐसे लाभुक हैं, जो सत्यापन के दौरान अपने दिये गये आवासीय पता पर उपलब्ध नहीं थे। इन लाभुकों को जिला द्वारा अज्ञात लाभुक के रूप में दिखाया गया हे। राज्य सरकार ने इस बार योजना के तहत लगभग 49 लाख महिलाओं के बैंक खातों में एक साथ तीन माह की 7500 रुपये की राशि हस्तांतरित कर दी है। योजना के तहत 18 वर्ष से 50 वर्ष तक महिलाओं को प्रतिमाह 2500 रुपये राज्य सरकार द्वारा दी जाती है। सत्यापन के दौरान करीब 50 हजार लाभुक आवेदन में दर्ज पते पर नहीं मिले। जिनमें बड़ी संख्या शादी के बाद दूसरे स्थान पर रहने लगी महिलाओं की है। शहरी क्षेत्रों में किराये का मकान बदलने वाले कई लाभुकों का भी सत्यापन नहीं हो सका।
50 वर्ष से अधिक उम्र होने पर बाहर
मंईयां सम्मान योजना में 50 वर्ष तक की महिलाओं को ही लाभ देने का प्रावधान है। 50 वर्ष की आयु पूरी करते ही लाभुक स्वतः योजना से बाहर हो जाती हैं। ऐसे में योजना के लाभुकों की संख्या प्रभावित हुई है। राज्य भर में लगभग 51 लाख महिलाओं को मार्चा तक की राशि मिली थी। ऐसे में देखा जाये तो आवेदकों के सत्यापन व 50 वर्ष की उम्र सीमा पूरी होने के कारण लगभग दो लाख लाभुक अब तक बाहर हो चुके हैं।
नये आवेदन का शुरू होगा सत्यापन
मंईयां योजना के तहत नये लाभुकों का नाम जोड़ने के लिए जमा आवेदन का सत्यापन शुरू होगा। सत्यापन के बाद नये लाभुकों का नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू होगी। जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार के निर्देश पर राशन कार्ड सत्यापन का काम चल रहा है। राज्य में अब तक लगभग 3.19 लाख राश कार्ड रद्द हुए हैं। इनमें दो लाख से अधिक वैसे कार्डधारी हैं, जिनका आधार कार्ड संदिग्ध है, 63 हजार वैसे र्काडधारियों के नाम हटाये गये, जिनकी वार्षिक आय तय मापदंड से अधिक थी।


