आलाकमान से एक मुलाकात की आस लगाये नाराज कांग्रेस विधायकों को रांची लौटने का निर्देश, बैजनाथ राम को मिला ग्रीन सिग्नल

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February 20, 2024

रांची : चंपाई सोरेन सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद जारी सियासी हलचल के खत्म होने के संकेत मिल रहे है। पिछले तीन दिनों से दिल्ली में डेरा जमाये कांग्रेस के विधायकों को आलाकमान की ओर से साफ संदेश भेजा गया है कि वो रांची वापस लौट जाए और चुनाव की तैयारियों में जुट जाए।
हालांकि नाराज विधायकों को अब भी उम्मीद है कि आलाकमान उनके पक्ष को एक बार सामने बुलाकर जरूर सुनेगा। सभी विधायक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे या फिर संगठन महासचिव केसी वेगुगोपाल के सामने अपनी पीड़ा रखना चाहते है। वो चाहते है कि कांग्रेस के कोटे से कैबिनेट में जगह पाए चारों मंत्रियों को हटाकर उनमें से किसी चार को मंत्री बनाया जाए। साथ ही चंपाई मंत्रिमंडल में कांग्रेस का 5वां मंत्री भी शामिल हो।
कांग्रेस सूत्रों ने जानकारी दी है कि केसी वेनुगोपाल ने नाराज कुछ विधायकों से फोन पर बात की है और उनके विरोध करने के तरीके पर सख्त नाराजगी व्यक्त की है। कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने सभी विधायकों से वन टू वन बात की थी उसके बाद विधायकों का मैसेज संगठन महासचिव केसी वेगुगोपाल तक पहुंचाया था। आलाकमान के सख्त रूख के बाद माना जा रहा है कि अब नाराज कांग्रेस विधायक जल्द ही रांची लौट आएंगे, उनके आपत्तियों पर गौर करते है, मंत्रियों को भी संदेश दिया गया है कि वो कांग्रेस के विधायकों की समस्याओं पर गंभीरता दिखाए और सभी एकजुट होकर चुनाव की तैयारी में जुट जाए।
नाराज विधायकों को संगठन या बोर्ड-निगम में स्थान देकर उन्हे एडजस्ट किया जा सकता है। उधर कांग्रेस अध्यक्ष और मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की रविवार को हुई मुलाकात के बाद बैजनाथ राम के मंत्री बनने का रास्ता साफ होने के संकेत मिले है। जेएमएम की ओर से भी बैजनाथ राम को संदेश दिया गया है कि वो संयम रखे उनके बारे में जल्द ही पार्टी सकारात्मक फैसला लेगी। हालांकि सोमवार को बैजनाथ राम ने अपने समाज के लोगों के साथ बैठक की थी और मुख्यमंत्री को संदेश देने की कोशिश की गई थी कि उन्हे मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए नहीं तो वो कोई बड़ा फैसला ले सकते है। लेकिन जेएमएम की ओर से मिले संकेत के बाद बैजनाथ राम के रूख में नरमी आई है और माना जा रहा है कि कांग्रेस के नाराज विधायकों के रांची लौटने के बाद एक बार फिर से मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है।

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