रांचीः झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर गुरुवार को मतदान है। चुनाव से एक दिन पहले महागठबंधन और एनडीए नेताओं के बीच माइंड गेम चल रहा है। मंगलवार को महागठबंधन की ओर से एनडीए में सेंधमारी का संकेत देते हुए 56 नहीं 61 का स्लोगन सोशल मीडिया पर शेयर ही नहीं किया गया, गठबंधन के नेताओं ने एनडीए के चार विधायकों के संपर्क में होने का दावा भी कर दिया।

चुनाव से ठीक पहले आंकड़ों और माइंडगेम में पिछड़ रही बीजेपी ने अपनी ताकत दिखाने के लिए एनडीए के सभी विधायकों के साथ एक तस्वीर सोशल मीडिया में डाली और लिखा कि एनडीए है तैयार, कांग्रेस होगी दरकिनार। इसके साथ विक्ट्री का साइन भी दिखाया गया।
एनडीए है तैयार, कांग्रेस होगी दरकिनार।✌️ pic.twitter.com/g3O2dxADkQ
— BJP JHARKHAND (@BJP4Jharkhand) June 17, 2026
24 से ज्यादा आंकड़े नहीं जुटा पाई NDA
राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में परिमल नाथवानी की एंट्री और एनडीए के समर्थन के बीच ऐसा लगा कि कांग्रेस की दूसरी सीट को लेकर दावेदारी कमजोर होती जा रही है। लेकिन इसके बाद कांग्रेस ने होमवर्क किया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के माध्यम से गठबंधन के सभी घटक दलों का साधा। केंद्र से पर्यवेक्षक को भेजने के साथ ही साथ कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा ने खुद अपनी जीत को लेकर कसरत शुरू की। गठबंधन के सभी दलों को एकजुट रखने की कवायद तेज ही नहीं कि बल्कि अपने लिए अतिरिक्त वोटों की कसरत भी शुरू कर दी। माना जा रहा है कि प्रणव झा ने जयराम महतो के रूप में अपने लिए समर्थक विधायकों के आंकड़े बढ़ा लिये।

एक तरफ कांग्रेस उम्मीदवार अपने लिए विधायकों को एकजुट करने में लगे हुए थे दूसरी ओर एनडीए समर्थक उम्मीदवार जीत से दूर जाते नजर आए। अपने लिए 24 विधायकों के वोट के आंकड़ों को बढ़ाने की जगह अब परिमल नाथवानी सेंधमारी रोकने में लग गए और मंगलवार को उन्हें एनडीए के विधायकों को रेडिसन ब्लू होटल में शिफ्ट करना पड़ गया। राजनीतिक जानकार बताते है कि हेमंत सोरेन की सटीक रणनीति जिसमें उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ-साथ विरोधियों को भी साधा और कांग्रेस उम्मीदवार के द्वारा खुद से किये गये प्रयास ने काम किया और परिमल नाथवानी को 24 के आंकड़े से ज्यादा बढ़ने नहीं दिया। जानकार बताते है कि अब हारी हुई बाजी परिमल नाथवानी खेल रहे है जिसमें उनके लिए एनडीए विधायकों को एकजुट रखना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। इसलिए एनडीए के सभी विधायक गुरुवार को वोट डालने होटल से ही विधानसभा जाएगा। राज्यसभा चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर जो झारखंड की छवि है वो इसबार बदली नजर आ रही है, हालांकि अभी रात बाकी है लेकिन एनडीए जिस तरह से होटल में कथित रूप से कैद हो गए है उसने ये संकेत दिये है कि बीजेपी झारखंड में वो करिश्मा करने में कामयाब नहीं हो सकी जो उसने बिहार और मध्य प्रदेश में कर दिखाया जहां कांग्रेस और उसके गठबंधन की झोली से निकालकर राज्यसभा सीट पर कब्जा किया।








