रांचीः बिहार विधानसभा में नामांकन की तारीख 20 अक्टूबर को खत्म हो गई और जेएमएम ने अपनी ओर से किसी भी उम्मीदवार को नहीं उतारा। 18 अक्टूबर को प्रेस कांफ्रेंस कर जेएमएम प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने 6 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की घोषणा करते हुए आरजेडी और कांग्रेस पर गठबंधन धर्म नहीं पूरा करने का आरोप लगाया। 20 अक्टूबर को गिरिडीह में प्रेस कांफ्रेंस कर जेएमएम के वरिष्ठ नेता और राज्य सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने आरजेडी और कांग्रेस पर कई आरोप लगाते हुए दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व को धुर्त और धोखेबाज तक कह दिया।
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उन्होंने कहा कि बिहार में गठबंधन नहीं होना जेएमएम के कार्यकर्ता और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का अपमान है। पटना में हुए वोटर अधिकार यात्रा के समापन में बुलाये जाने के बाद हेमंत सोरेन वहां गए थे और गठबंधन धर्म का पालन किया था। 2019 में आरजेडी के एकमात्र विधायक जीतकर आने पर भी उन्हें झारखंड सरकार में 5 साल तक मंत्री बनाये रखा गया। 7 अक्टूबर को पटना में तेजस्वी यादव से सीट शेयरिंग को लेकर सकारात्मक बाते की गई थी लेकिन अंतिम समय में तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें धोखा मिला। 2020 के चुनाव में भी तीन सीट देने का वादा किया गया था लेकिन सीट नहीं दी गई और धोखेबाजी की गई। बिहार में हुई राजनीतिक धोखेबाजी का असर झारखंड में पड़ेगा और हम यहां भी गठबंधन की समीक्षा करेंगे।
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सुदिव्य कुमार सोनू मंत्री ने कहा कि यदि झारखंड मुक्ति मोर्चा को सीट नहीं देना था तो इसे स्पष्ट करना चाहिए था। बिहार में महागठबंधन के अगुवा यदि पहले ही तस्वीर साफ कर देते तो जेएमएम अपने बलबूते ही मैदान में उतरती। 7 से 20 अक्तूबर तक सिर्फ चालबाजी करना यह सही नहीं है। जानबूझकर यह हरकत राजद ने की है जिसे कांग्रेस ने समर्थन दिया है।
महागठबंधन में पड़ी दरार, मंत्री बोले- अलग होकर बनेगी रणनीति
जेएमएम के बिहार विधानसभा चुनाव से बाहर होने के बाद महागठबंधन में दरार एक बड़ी दरार पड़ गई है।इस पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने स्पष्ट कहा कि अब पार्टी बिहार में महागठबंधन से अलग होकर अपनी राजनीतिक रणनीति बनाएगी। उन्होंने कहा कि झारखंड में भी गठबंधन पर दोबारा समीक्षा की जाएगी। यह दोहरी नीति अब नहीं चलेगी। एक तरफ झारखंड में हमारी ताकत से सरकार चले और दूसरी तरफ बिहार में हमें धोखा दिया जाए। अब यह स्वीकार नहीं किया जाएगा। बिहार में धोखा देने वालों को भविष्य में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।







