दिल्लीः इस बार लोकसभा चुनाव में महंगाई सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है । सीएसडीएस ने सर्वे जारी कर बताया है कि लोकसभा चुनाव के दौरान महंगाई सबसे बड़ा मुद्दा बनने वाला है, वोटर्स के दिमाग मे मंदिर-मस्जिद से ज्यादा महंगाई और बेरोजगारी ही असर डालने वाला है । अंग्रेजी अखबार ‘द हिन्दू’ में प्रकाशित लेख के मुताबिक इस बार वोटर्स का रुझान कुछ अलग है । सीएसडीएस-लोकनीति द्वारा किए गए चुनाव-पूर्व सर्वेक्षण में मतदान पूर्व मुद्दे को लेकर सवाल किए गए। सूची में सबसे ऊपर तीन मुद्दे नजर आए बेरोजगारी, मंहगाई और विकास। सर्वेक्षण के मुताबिक विकास को लेकर सबसे अधिक चिंतित सर्वेक्षण में शामिल लोगों का झुकाव बीजेपी की ओर हो सकता है, बेरोजगारी और मूल्य वृद्धि के बारे में मतदाताओं की चिंता पार्टी के लिए खतरे का संकेत हो सकती है। गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की भारत रोजगार रिपोर्ट, 2024 बताती है कि भारत के लगभग 83% बेरोजगार कार्यबल 30 वर्ष से कम आयु के हैं। यदि 2019 के अध्ययन के साथ वर्तमान निष्कर्षों की तुलना करते हैं, तो उत्तरदाताओं का अनुपात बेरोजगारी को सबसे महत्वपूर्ण मानता है।2019 में बेरोजगारी का मुद्दा 11% था जो बढ़कर 2024 के चुनाव पूर्व सर्वेक्षण में 27% हो गया। इसी तरह, सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में महंगाई को भी देखा गया है जिसमें 2019 की तुलना में 19% की भारी वृद्धि देखी गई।
राम मंदिर और दूसरे मुद्दे इस बार कम असर डालने वाले हैं। राम मंदिर का मुद्दा सिर्फ आठ प्रतिशत ही माना जा रहा है । हिन्दुत्व और भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी लेकर लोग ज्यादा वोट डालने वाले नहीं है । ऐसे वोटर्स की संख्या सिर्फ दो प्रतिशत है।
- बेरोजगारी 27%
- मंहगाई 23%
- विकास 13%
- भ्रष्टाचार 8%
- अयोध्या में राम मंदिर 8%
- हिन्दुत्व 2%
- भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि 2%
- आरक्षण 2%
- अन्य जवाब 9%
- कह नहीं सकते 6%

भारत में आमतौर से एजेंडा राजनीतिक दल औऱ मीडिया द्वारा सेट किया जाता है लेकिन वोटर्स के मन में जो चल रहा है वो चुनाव नतीजों में परिलक्षित होता है । इस बार जो सर्वे आ रहे हैं वो बीजेपी के लिए चिंता की बात है क्योंकि बेरोजगारी और महंगाई अगर मुद्दा दिलो दिमाग है तो आने वाले दिनों में इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है ।




