अन्नदाता से क्रूर मजाक! किसान की बर्बाद हो गई पूरी फसल, सरकार से मिला बस 2 रुपये मुआवजा

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November 4, 2025

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डेस्कः  इसबार मौसम की मार किसानों पर पड़ी है, लेकिन इससे ज्यादा क्रूर मजाक सरकारें कर रही हैं। महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक किसान ने दावा किया कि बेमौसम बारिश से फसलों के नुकसान के लिए उसे राज्य सरकार से सिर्फ 2.30 रुपये का मुआवजा मिला है। वाडा तालुका के शिलोत्तर गांव के मधुकर बाबूराव पाटिल ने अपने धान के खेतों को हुए भारी नुकसान के लिए मुआवजे की मांग करते हुए एक आवेदन जमा किया।

पाटिल ने कहा, ‘इस मौसम में लगातार बारिश ने धान की फसल को बुरी तरह प्रभावित किया, जिससे फसल पानी में डूब गई और सड़ गई। यहां तक कि पुआल भी काला पड़ गया, जिससे पशुओं के लिए चारे की कमी पैदा होकर संकट और गहरा गया। इतने बड़े नुकसान के बावजूद, मुझे यह देखकर हैरानी हुई कि मेरे बैंक खाते में सिर्फ 2.30 रुपये ही जमा हुए।’

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पाटिल के नाम और उनकी पत्नी व बेटियों के नाम 11 एकड़ जमीन है। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे की मुंबई में हुई प्रेस वार्ता में भी पाटिल का मुद्दा उठा। ठाकरे ने कहा, ‘यह मजाक है कि पालघर के किसानों को फसल बीमा मुआवजे के तौर पर सिर्फ 2 रुपये और कुछ पैसे मिले हैं।’

ठाकरे ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री से केंद्रीय सहायता के लिए प्रस्ताव भेजने को कहा था, लेकिन मुझे नहीं लगता कि ऐसा कोई प्रस्ताव भेजा गया है। यह मजाक है कि पालघर के किसानों को फसल बीमा मुआवजे के रूप में केवल दो रुपये और कुछ पैसे मिले हैं। राज्य सरकार को तत्काल ऋणमाफी की घोषणा करनी चाहिए और प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये की सहायता प्रदान करनी चाहिए।’

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ठाकरे ने सोमवार को कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बाढ़ और बारिश प्रभावित किसानों की कर्जमाफी पर अगले साल 30 जून तक फैसला करने की घोषणा कर उनका मखौल उड़ा रही है। मराठवाड़ा में सितंबर के अंतिम सप्ताह में भारी बारिश हुई, जिससे कई हजार हेक्टेयर में लगी फसलें नष्ट हो गईं।

सत्तारूढ़ महायुति ने विधानसभा चुनाव से पहले प्रचार के दौरान किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था। इस बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके प्रमुख आर्थिक सलाहकार प्रवीण परदेशी के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय समिति इस बारे में अप्रैल 2026 के पहले सप्ताह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी कि ऋणमाफी कैसे लागू की जाए और इसके बाद 30 जून 2026 तक इस पर निर्णय लिया जाएगा।

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