पलामूः गायब हुई एक करोड़ की हथिनी को छपरा के अमनौर से रेस्क्यू कर लिया गया है। दरअसल हथिनी को अमनौर के पहाड़पुर के रहने वाले गोरख सिंह नाम के एक व्यक्ति को 27 लाख रुपए में बेच दिया गया था।
जांच में सामने आया कि हथिनी को गांव निवासी गोरख सिंह उर्फ अभिमन्यु को महज 27 लाख रुपये में बेच दिया गया था, जबकि उसकी अनुमानित बाजार कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।इस पूरे खेल में वादी के ही तीन साझेदारों और महावत की मिलीभगत उजागर हुई है। फिलहाल हथिनी को जब्त कर सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद गोरख सिंह उर्फ अभिमन्यु को ही जिम्मेनामा पर सौंप दिया गया है।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामला अब भी अनुसंधानाधीन है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस कड़ी से और भी बड़े खुलासों की संभावना है।
पलामू में चोरी हो गई एक करोड़ की हथिनी, चिप के जरिए लोकेशन ट्रेस कर खोजने की कोशिश
ऐसे हुआ चोरी का खुलासा
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर निवासी नरेंद्र कुमार शुक्ला ने तीन अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर 40 लाख रुपये में एक हथिनी खरीदी थी। 11 अगस्त को वे हथिनी और उसके महावत से मिलने पलामू जिले के सदर थाना क्षेत्र के जोड़ इलाके पहुंचे थे। 13 अगस्त को लौटने के बाद शुक्ला को पता चला कि हथिनी और महावत दोनों गायब हैं।लगातार खोजबीन के बावजूद कुछ पता नहीं चलने पर उन्होंने 12 सितंबर को पलामू सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस को हथिनी में लगे चिप (ट्रैकिंग डिवाइस) से उसकी लोकेशन तक पहुंचने में अहम सफलता मिली है। मामले की छानबीन जारी है।
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पलामू पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई
सदर थाना में दर्ज शिकायत के बाद पलामू पुलिस ने एसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया। टीम को 29 सितंबर को गुप्त सूचना मिली कि चोरी की गई हथिनी बिहार के छपरा जिले के अमनौर थाना क्षेत्र के पहाड़पुर गांव में है। पलामू पुलिस ने स्थानीय थाना और वन विभाग के सहयोग से छापेमारी कर हथिनी जयामति को सुरक्षित बरामद किया।
जांच में यह खुलासा हुआ कि हथिनी की खरीद में चार साझेदार थे। उनमें से तीन साझेदारों ने महावत के साथ मिलकर हथिनी को चोरी कर 27 लाख रुपये में बेच दिया, जबकि वादी नरेंद्र शुक्ला को इस सौदे की कोई जानकारी नहीं थी।




