सरायकेला: जिले के गम्हरिया थाना परिसर में महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। एसपी मनोज स्वर्गायारि के निर्देश पर मुख्य आरोपी वायरलेस ऑपरेटर समेत तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि घोर लापरवाही के आरोप में 9 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
थाने में महिला के साथ दुष्कर्म
आरोप है कि जब वह कमरे में विश्राम कर रही थी, तभी थाने के वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा ने कमरे में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत मिलते ही गम्हरिया थाना कांड संख्या 86/26 के तहत बीएनएस की धारा 64(2)(a)/68 में मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी आरक्षी 410 नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया।
एसआईटी में हुआ खुलासा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर सरायकेला एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई। एसआईटी जांच में संलिप्तता पाए जाने पर पुअनि मनोज कुमार साहू और आरक्षी संतोष कुमार राय को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
वहीं सुरक्षा में गंभीर लापरवाही बरतने पर एसडीपीओ की रिपोर्ट के आधार पर पुअनि अजय पासवान, पुअनि ललन रविदास, सअनि विशु उरांव, सअनि मुकेश कुजूर, सअनि मुकेश रविदास, सअनि सीताराम सिंह पाहन, हवलदार पिताम्बर महतो, हवलदार बहादुर हांसदा और आरक्षी मनोज गोराई को निलंबित कर पुलिस केंद्र भेज दिया गया है।
थाने पहुंचे एसपी मनोज स्वर्गियारी
इससे पहले पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों के बीच रविवार को एसपी मनोज स्वर्गियारी थाने पहुंचे और पूरे मामले की गहनता से जांच की। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। साथ ही थाने में पदस्थापित पुलिसकर्मियों से एक-एक कर अलग-अलग पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए। घटना से जुड़े हर पहलू की जांच के बाद एसपी ने थाने में पदस्थापित नौ और पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
सभी बिंदुओं पर गहनता से पड़ताल जारी
एसपी ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए गठित एसआईटी सभी बिंदुओं पर गहनता से पड़ताल कर रही है। जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोषी पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
ड्यूटी में नशे में पाये जाने पर जाएगी नौकरी: एसपी
सरायकेला-खरसावां के एसपी मनोज स्वर्गियारी ने जिले की पुलिस व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। एसपी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को 24 घंटे थानों की निगरानी करने और वहां तैनात पुलिसकर्मियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने साफ किया है कि थाना परिसर में ड्यूटी के दौरान अथवा थाने में रहने वाला कोई भी पुलिसकर्मी नशे की हालत में पाया गया, तो उसके खिलाफ बर्खास्तगी तक की कार्रवाई की जाएगी।
एसपी की नसीहत
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एसपी ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे केवल कागजी तौर पर नहीं, बल्कि खुद थानों की कार्यप्रणाली की नियमित मॉनिटरिंग करें। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की उपस्थिति, व्यवहार, अनुशासन और कार्यशैली की लगातार समीक्षा करें. थाने में आने वाले फरियादियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करें। विशेषकर महिला शिकायतकर्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से सुनें और उनकी सुरक्षा एवं सम्मान का पूरा ध्यान रखे।
महिला फरियादियों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई
महिलाओं से संबंधित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज करने, महिला पुलिसकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा जरूरत पड़ने पर महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी में ही पूछताछ करने का निर्देश दिया है। किसी भी महिला शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से थाने में बैठाकर नहीं रखा जाए। शिकायत के नाम पर दुर्व्यवहार, अभद्र टिप्पणी या किसी प्रकार के दबाव की शिकायत मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मी के साथ-साथ जिम्मेदार थाना प्रभारी की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
एसपी ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि रात की ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों की गतिविधियों पर भी नजर रखें। ड्यूटी रोस्टर के मुताबिक, पुलिसकर्मियों की उपस्थिति जांचें। थाने के सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में रहे और महत्वपूर्ण जगहों की नियमित निगरानी हो। बिना अनुमति कोई पुलिसकर्मी ड्यूटी से गायब नहीं रहे। थाने में आने वाले हर फरियादी की शिकायत और कार्रवाई का रिकॉर्ड भी व्यवस्थित रखा जाए।
अनुशासनहीनता पर थाना प्रभारी भी होंगे जवाबदेह
एसपी ने साफ संदेश दिया है कि थाने की जिम्मेदारी केवल प्राथमिकी दर्ज करने और अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है। आम जनता के साथ पुलिस का व्यवहार भी विभाग की छवि तय करता है, इसलिए थाना प्रभारी अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के आचरण के प्रति जवाबदेह होंगे।
फरियात लेकर थाने पहुंची थी महिला
दरअसल, पीड़िता द्वारा 31 अक्टूबर को दिए गए लिखित आवेदन के अनुसार, 29 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे पति से कहासुनी के बाद वह पिटाई के डर से घर से भाग गई थी। पड़ोस की एक महिला के सहयोग से उसने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पीसीआर वाहन उसे रात करीब 12 बजे सुरक्षित समझकर गम्हरिया थाना लेकर आया। थाने में तैनात कर्मी ने उसे बगल के कमरे में आराम करने की सलाह दी थी।






