दुमका : गोड्डा के भाजपा सांसद डा.निशिकांत दुबे ने गुरुवार को दुमका में कहा कि जेन-जी के आंदोलनों की आड़ कांग्रेस देश विरोधी विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश की एकता और अखंडता को तोड़ने व सत्ता परिवर्तन की साजिश रच रही है। कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश विरोधी विदेशी ताकतों से मिलकर यह साजिश रच रहे हैं। डा.निशिकांत ने कहा कि चीन में छुपे अमेरिकी व्यवसायी नवेलि राय सिंघम समेत एआइ, भारत में प्रतिबंधित क्रिप्टो करेंसी और आनलाइन गेमिंग का हवाला देते हुए कहा कि देश विरोधी विदेशी ताकतें और अंतरराष्ट्रीय फंडिंग नेटवर्क के जरिए देश में अस्थिरता पैदा करने की साजिश के जरिए रिजिम चेंज के षडयंत्र को देश की जनता भी भली-भांति समझ रही है। उन्होंने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं, दिल्ली में आंदोलनों और संताल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए विपक्ष की मंशा पर सवाल खड़े किए।
मोदी सरकार के खिलाफ साजिश होगा बेनकाब
डा.निशिकांत ने दावा किया कि देश में चल रहे कुछ आंदोलनों के पीछे सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय साजिश है। कुछ समूह भारत में सत्ता परिवर्तन की पृष्ठभूमि तैयार कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में 270 बार विदेश गए। उन्होंने पूछा कि इन यात्राओं के दौरान राहुल गांधी किन लोगों और संगठनों के संपर्क में रहे। सांसद ने चीन में रह रहे नेविल राय सिंघम, सोरोस फाउंडेशन और अमेरिकी सांसद इल्हान उमर पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ अंतरराष्ट्रीय समूह भारत की राजनीतिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर इन ताकतों के हितों के अनुरूप काम करने का आरोप लगाया।

आनलाइन गेमिंग, क्रिप्टो और एआइ पर बोला हमला
सांसद ने आनलाइन गेमिंग, क्रिप्टो करेंसी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने आनलाइन गेमिंग, क्रिप्टो करेंसी और एआइ के मामले में स्पष्ट नीतिगत रुख अपनाया है। कहा कि इन क्षेत्रों से जुड़े वैश्विक कारोबारी हित सरकार के खिलाफ माहौल बनाने में सक्रिय हैं।
आंदोलनों के पीछे विदेशी हाथ होने का आरोप
दिल्ली में चल रहे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलनों में आम नागरिकों, व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों को प्रभावित करने वाली गतिविधियों को भारत विरोधी तत्वों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने जाकिर नाइक, खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू और दाऊद इब्राहिम का नाम लेते हुए दावा किया कि कुछ तत्व भारत में अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं। सांसद ने दावा किया कि उनका उद्देश्य भारत को पाकिस्तान, बांग्लादेश या श्रीलंका जैसे हालात की ओर धकेलना और गृहयुद्ध जैसी स्थिति पैदा करना है। उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव को ध्यान में रखकर विपक्षी दल अराजकता का माहौल बना रहे हैं।
संताल परगना में घुसपैठ और जनसांख्यिकी में बदलाव खतरनाक
संताल परगना में तेजी से बदल रहे डेमोग्राफी को खतरनाक बताते हुए सांसद ने वर्ष 1951 से 2011 तक के जनगणना आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में आदिवासी आबादी का अनुपात 45 प्रतिशत से घटकर 26-27 प्रतिशत रह गया, जबकि मुस्लिम आबादी का अनुपात सात प्रतिशत से बढ़कर 25 प्रतिशत तक पहुंच गया। उन्होंने इस बदलाव के लिए बांग्लादेशी घुसपैठ को प्रमुख कारण बताया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की ओर से मतदाता सूची की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों का समर्थन करते हुए कहा कि फर्जी मतदाताओं के नाम हटाने की कार्रवाई से विपक्ष परेशान है और चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। सांसद ने कहा कि मतदाता सूची की गड़बड़ियों को दूर करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए जरूरी है। कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी सरकार को हटाने या सत्ता में लाने का अधिकार केवल जनता के पास है। कहा कि चुनाव ही जनता को अपना फैसला सुनाने का संवैधानिक माध्यम है।





