गिरिडीह : धनवार-सरिया मुख्य मार्ग पर बिशुनपुर के पास सोमवार शाम भीषण सड़क हादसे में 15 वर्षीय किशोर की मौत हो गई, जबकि आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में तीन की स्थिति नाजुक होने की सूचना है। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई। दुर्घटना से आक्रोशित लोगों ने हादसे में शामिल ब्रेजा कार और एक तीनपहिया वाहन में आग लगा दी। वहीं, कार चालक मौके से फरार हो गया।
एक के बाद एक कई वाहनों को मारी टक्कर
धनवार की ओर से जा रही ब्रेजा कार संख्या जेएच 11एजेड 6164 ने बिशुनपुर के पास आगे चल रही एक बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इसके बाद कार ने विपरीत दिशा से खोरीमहुआ की ओर से धनवार आ रहे एक तीनपहिया वाहन और दो अन्य बाइकों को भी अपनी चपेट में ले लिया। लगातार हुई टक्करों में कुल नौ लोग घायल हो गए। इनमें बांधी निवासी संदीप शर्मा के 15 वर्षीय पुत्र प्रिंस कुमार की मौत हो गई। घायलों में 10 वर्षीय दिव्यांशु कुमार, बोकारो निवासी मुकेश मोदी, सुरेंद्र मोदी, राजीव कुमार, चांद रसीद और साजिद अंसारी समेत अन्य लोग शामिल हैं।तीन पहिया वाहन पर सवार सभी धनवार दुर्गा पूजा मेला घूमने जा रहे थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि आवाज सुनकर आसपास के सैकड़ों लोग घटनास्थल पर जुट गए। स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने और राहत कार्य में प्रशासन का सहयोग किया। दुर्घटना में ब्रेजा कार, बाइक और तीनपहिया वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

थानेदार ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल
घटना की सूचना मिलते ही धनवार थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों के सहयोग से घायलों को धनवार रेफरल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल छह लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि दो घायलों का इलाज जारी रहा। इसी बीच हादसे में एक किशोर की मौत की खबर से लोगों में शोक और आक्रोश फैल गया।
अस्पताल में एसडीओ से शिकायत
घटना की जानकारी मिलने पर खोरीमहुआ के अनुमंडल पदाधिकारी समीर रेनीयर खलखो रेफरल अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। इस दौरान मौके पर मौजूद भाजपा मंडल अध्यक्ष अरविंद साव, भाजपा नेता सुबोध राय तथा नगर पंचायत के वार्ड सदस्यों समेत अन्य लोगों ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. इंदु शेखर की कार्यशैली को लेकर एसडीएम से शिकायत की। लोगों ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद भी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को फोन करने पर कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली। उनका कहना था कि यह पहली घटना नहीं है, बल्कि संबंधित पदाधिकारी के कार्यभार संभालने के बाद से मरीजों के प्रति उदासीनता की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।
सरकारी आवास में निजी क्लिनिक चलाने का भी आरोप
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी रेफरल अस्पताल परिसर स्थित अपने सरकारी आवास में निजी क्लिनिक चलाते हैं और वहां पहुंचने वाले मरीजों का ही इलाज करते हैं। लोगों ने अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सेवा पर सवाल उठाते हुए मामले में प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की। हालांकि, इन आरोपों पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी का पक्ष समाचार लिखे जाने तक उपलब्ध नहीं हो सका।
भाजपा नेता ने सरकारी आवास में जड़ा ताला, तबादले तक आंदोलन की चेतावनी
भाजपा नेता सुबोध राय ने अपने आक्रोशित समर्थकों के साथ प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. इंदु शेखर के सरकारी आवास में ताला लगा दिया। उन्होंने कहा कि धनवार की जनता को ऐसे चिकित्सक की जरूरत नहीं है, जो मरीजों की जरूरतों के प्रति गंभीर न हों। उन्होंने प्रशासन से प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी का तबादला करने की मांग की और चेतावनी दी कि जब तक उनका तबादला नहीं होता, तब तक आवास का ताला नहीं खोला जाएगा। सुबोध राय ने कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा तथा अस्पताल में भी तालाबंदी करने से पीछे नहीं हटेंगे। भीषण सड़क हादसे में एक किशोर की मौत और आठ लोगों के घायल होने के बाद जहां क्षेत्र में शोक का माहौल है, वहीं अस्पताल की व्यवस्था को लेकर उठे सवालों ने स्वास्थ्य सेवाओं पर भी गंभीर बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन दुर्घटना की जांच के साथ साथ अस्पताल संबंधी शिकायतों पर क्या कार्रवाई करता है।







