लोहरदगा: झारखंड के लोहरदगा जिले में फुटबॉल प्रतियोगिता के बाद शुरू हुआ विवाद शुक्रवार को गंभीर रूप लेता दिखा। कैरो थाना क्षेत्र के गोपालगंज गांव स्थित खेल मैदान में महुवरी और गोपालगंज के ग्रामीण आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते मैदान में सैकड़ों लोग लाठी-डंडे और टांगी लेकर जुट गए। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की होने लगी। हालांकि, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति संभाल ली और संभावित हिंसक टकराव टल गया। जानकारी के अनुसार, गोपालगंज गांव के खेल मैदान में गुरुवार को फुटबॉल प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला हुआ था। इसमें महुवरी गांव के खिलाड़ियों ने भी हिस्सा लिया था। महुवरी के ग्रामीणों और खिलाड़ियों का आरोप है कि गोपालगंज के कुछ युवकों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से कुछ खिलाड़ियों की सिर से बाल हटाई हुई तस्वीर तैयार कर उसे वायरल कर दिया। इससे महुवरी के ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। इसी आक्रोश के बीच शुक्रवार को महुवरी के ग्रामीण ट्रैक्टर लेकर मैदान पहुंचे और जमीन की जुताई कर दी। इसके बाद दोनों गांवों के लोगों के बीच तनाव बढ़ गया। हालांकि, तस्वीर वायरल करने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।


जमीन पर दोनों गांवों का दावा, वर्षों से चल रहा विवाद
खेल मैदान की जमीन को लेकर दोनों गांवों के बीच लंबे समय से विवाद है। महुवरी के ग्रामीण इसे अपनी जमीन बताते हैं, जबकि गोपालगंज के लोगों का भी इस पर दावा है। इसी मुद्दे पर पहले भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हो चुका है। अंचल अमीन दिनेश कुमार के अनुसार, संबंधित जमीन अनावाद बिहार सरकार के रूप में दर्ज है। यह महुवरी मौजा के खाता संख्या 135 और प्लॉट संख्या 105 में दर्ज है। जमीन की वास्तविक स्थिति और अभिलेखों के आधार पर विवाद का निपटारा महत्वपूर्ण होगा।

पुलिस कर रही जांच, दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा
तनाव की सूचना पर कैरो थाना प्रभारी रवि रंजन कुमार, एसआई अमित कुमार मुर्मू, एएसआई रंजन सिंह, गुड्डू शर्मा और दिलीप सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति शांत कराई। कैरो थाना प्रभारी रवि रंजन कुमार ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जमीन से संबंधित जानकारी अंचल कार्यालय से मांगी गई है। मैदान की जुताई किए जाने की शिकायत की भी पड़ताल हो रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस की पहल से तत्काल टकराव टल गया है, लेकिन जमीन विवाद का स्थायी समाधान प्रशासनिक जांच पर निर्भर करेगा।






