- Advertisement -

कोयला माफिया अनूप माझी उर्फ लाला की 815 करोड़ की संपत्ति जब्त, मनी लांड्रिंग के तहत ED ने कसा शिकंजा

Picture of Live Dainik

Live Dainik

October 16, 2026

कोयला माफिया अनूप माझी उर्फ लाला की 815 करोड़ की संपत्ति जब्त, मनी लांड्रिंग के तहत ED ने कसा शिकंजा

रांची: ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के लीज क्षेत्र में अवैध कोयला खनन, परिवहन व भंडारण मामले में मनी लांड्रिंग के तहत जांच कर रही ईडी ने कोयला माफिया अनूप माझी उर्फ लाला सिंडिकेट से जुड़ी 136.44 करोड़ की संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त की है। जब्त संपत्ति में दो होटल सह रिसार्ट, जिसमें पुरुलिया की गढ़ पंचकोट इको टूरिज्म व बांकुड़ा की बिहारीनाथ इको टूरिज्म, कोलकाता में दो संपत्ति, कागजी कंपनियों के बैंक खाते में पड़ी राशि, माझी के परिवार के सदस्यों के नाम पर शेयर व म्युचुअल फंड में निवेश शामिल हैं।

इससे पूर्व में भी ईडी ने अनूप माझी उर्फ लाला से जुड़ी 678.64 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। इस प्रकार, इस नई जब्ती के साथ ही ईडी ने अनूप माझी व उसके सिंडिकेट से जुड़ी 815.08 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति अब तक जब्त कर ली है। ईडी ने जब्ती नोट में उल्लेख किया है कि उक्त संपत्ति अपराध की आय से अर्जित की गई थी। ईडी अपराध की आय के असली लाभार्थी का पता लगा रही है।अवैध कोयला खनन व चोरी से जुटाए गए धन की लांड्रिंग में शामिल अन्य व्यक्तियों व संस्थाओं की पहचान के लिए जांच जारी है।

See also  JPSC Exam Scam: 15 लाख देकर DSP बने, साक्षात्कार में बढ़ाये गये अंक, CID जांच में खुलासा

कोयले की चोरी कर पश्चिम बंगाल की विभिन्न फैक्ट्रियों में बेचा
ईडी ने जांच में पाया है कि कोयला माफिया अनूप माझी उर्फ लाला के नेतृत्व वाला सिंडिकेट ईसीएल क्षेत्र में कोयले का अवैध खनन कर चोरी करता था। इसके बाद उक्त कोयले को स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों की कथित मदद से पश्चिम बंगाल की विभिन्न फैक्ट्रियों में नकदी में बेचता था। इससे हुई अवैध कमाई को छुपाने के लिए कई कागजी कंपनियां (शेल कंपनियां) बनाई।

इन कंपनियों का असली मालिक व नियंत्रक अनूप माझी था। उक्त कंपनियों को उसने अपने रिश्तेदारों, कर्मचारियों व मुख्य सहयोगी गुरुपदा माझी के नाम पर रखा था। कोयले की अवैध बिक्री से मिले नकद को इन कंपनियों के जरिए फर्जी एंट्री के रूप में घुमाया और उनके बैंक खातों में जमा कर दिया ताकि इन पैसों के स्रोत और असली मालिक का पता न चल सके। ईडी की इसी छानबीन में पता चला कि अनूप माझी सिंडिकेट ने अपराध से अर्जित कमाई का निवेश उन रिसार्ट्स में किया था, जिनका असली मालिक अनूप माझी है।

See also  शराब के लिए पैसे नहीं मिले तो 33,000 KV के टावर पर चढ़ा शराबी, गिरिडीह में 'शोले' स्टाइल में ड्रामा
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now