रामगढ़ः झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन दिनों अपनी दिवंगत माता रूपी सोरेन के निधन के बाद अपने पैतृक गांव नेमरा में पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन कर रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री के व्यक्तित्व का भावुक, संवेदनशील और पारिवारिक पक्ष(तस्वीरे) सामने आ रहा है।


मां के निधन के बाद नेमरा में शोक और पारिवारिक संस्कारों के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पारंपरिक रस्मों को निभा रहे हैं। दातुन, पानी और भोजन परोसने जैसी परंपराओं का निर्वहन केवल एक धार्मिक या पारिवारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि अपनी जड़ों, संस्कारों और मातृ-स्मृतियों से जुड़े रहने का भाव भी है। इस दौरान हेमंत सोरेन भावुक भी हो जा रहे हैं।

इस कठिन समय में मुख्यमंत्री की पत्नी कल्पना सोरेन भी परिवार के साथ खड़ी हैं। हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन की मौजूदगी पारिवारिक एकजुटता और दुख की इस घड़ी में एक-दूसरे का सहारा बन रहे हैं। सार्वजनिक जीवन में व्यस्त रहने वाले इस दंपती का पारिवारिक और संवेदनशील पक्ष लोगों को एहसास करा रहा है कि बड़ी राजनीतिक जिम्मेदारियों के बीच भी रिश्तों, संस्कारों और भावनाओं का महत्व कम नहीं होता।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नेमरा में पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच रहना उनके सरल स्वभाव और अपनी मिट्टी से जुड़ाव की तस्वीर पेश कर रहा है। मुख्यमंत्री के पद पर रहकर वह अपनी जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। तो वहीं मां के निधन के बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों का भी निर्वहन कर रहे हैं।

वहीं दूसरी को नेमरा पहुंचकर स्वर्गीय रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है। शुक्रवार को बीजेपी विधायक पूर्णिमा साहू के साथ-साथ कई अन्य राजनैतिक दलों के नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुलाकात की और उनकी मां के निधन पर शोक जताया। जेएलकेएम के केंद्रीय उपाध्यक्ष और छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने भी नेमरा पहुंचकर रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने मुख्यमंत्री को गले लगाकर इस दुःख की घड़ी में अपनी संवेदनाएं प्रकट की। मुख्यमंत्री ने भी देवेंद्रनाथ महतो के स्वास्थ्य का हाल उनसे जाना।






