हजारीबागः चौपारण के प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल में असामाजिक तत्वों की कथित हरकतों से छात्राओं और शिक्षकों में भय का माहौल है। विद्यालय के मुख्य द्वार के पास रात में तंत्र-मंत्र जैसी गतिविधियां करने और आपत्तिजनक शब्द लिखने का मामला सामने आया है। विद्यालय परिसर में शराब और सिगरेट पीने, शराब की बोतलें तोड़कर फेंकने तथा अश्लील शब्द लिखने जैसी घटनाओं से छात्राओं की सुरक्षा और शैक्षणिक माहौल पर सवाल खड़े हो गए हैं। सुबह मामला प्रकाश में आने के बाद विद्यालय के प्रधानाध्यापक रवि कुमार राम ने मामले को लेकर चौपारण थाना में लिखित आवेदन देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। विडंबना यह है कि जिस विद्यालय में 272 छात्राएं पढ़ रही हैं, वहां सुरक्षा के लिए चहारदीवारी तक नहीं है। वहीं, जमीन विवाद के कारण पिछले करीब दस वर्षों से विद्यालय का विकास भी प्रभावित बताया जा रहा है।
गेट के पास तंत्र-मंत्र, परिसर में तोड़फोड़ का आरोप
प्रधानाध्यापक के अनुसार, असामाजिक तत्व रात के समय विद्यालय परिसर या उसके आसपास जमा होते हैं। वहां शराब और सिगरेट पीने, शराब की बोतलें तोड़कर फेंकने तथा दीवारों पर गंदे और अश्लील शब्द लिखने की घटनाएं होती रहती हैं। हाल में विद्यालय के गेट के पास कथित तंत्र-मंत्र किए जाने और गंदी गालियां लिखे जाने का मामला सामने आया। इससे विद्यालय का माहौल खराब हुआ और पठन-पाठन प्रभावित हुआ। आरोप है कि विद्यालय के पुराने और जर्जर भवन से ईंट, खिड़की समेत अन्य सामान भी तोड़कर ले जाए गए हैं। प्रधानाध्यापक ने पुलिस से इन घटनाओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

272 छात्राओं के लिए पर्याप्त कमरे नहीं
विद्यालय में नौवीं कक्षा की 130 और दसवीं कक्षा की 142 छात्राएं नामांकित हैं। कुल 272 छात्राओं के लिए पर्याप्त कक्ष उपलब्ध नहीं हैं। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, सभी छात्राओं के एक साथ पहुंचने पर बैठने तक के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलती। शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं होने से भी छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।चहारदीवारी नहीं होने के कारण विद्यालय परिसर की सुरक्षा भी चिंता का विषय बनी हुई है।
10 साल से हाई कोर्ट में लंबित है जमीन विवाद
विद्यालय अध्यक्ष राम सेवक राणा ने बताया कि विद्यालय की जमीन को लेकर कुछ ग्रामीणों ने करीब दस वर्ष पहले झारखंड हाई कोर्ट, रांची में मुकदमा दायर किया था। उनके अनुसार, मामला लंबित रहने के कारण विद्यालय में विकास कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। चहारदीवारी, अतिरिक्त कमरे और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी का असर छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी
एक ओर बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल में बुनियादी सुविधाओं का अभाव और असामाजिक तत्वों की कथित गतिविधियां गंभीर चिंता पैदा कर रही हैं। विद्यालय प्रबंधन के सामने छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की चुनौती है। सवाल है कि जमीन विवाद का समाधान कब होगा और विद्यालय में चहारदीवारी, पर्याप्त कमरे तथा शौचालय की व्यवस्था कब सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल, प्रधानाध्यापक ने पुलिस से मामले की जांच की मांग की है।





