रांची: खेलगांव थाना क्षेत्र स्थित रांची ट्रिपल आईटी के छात्रावास में शनिवार देर रात छात्र आदित्य की मौत के बाद विद्यार्थियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। घटना के विरोध में छात्र-छात्राएं रविवार रातभर धरने पर बैठे रहे। सोमवार को भी उनका आंदोलन जारी है। छात्र-छात्राएं एक बार फिर सड़क पर उतर आए हैं। उन्होंने आंदोलन तेज करते हुए सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। विद्यार्थियों ने संस्थान के निदेशक को हटाने और उनके इस्तीफे की मांग की है।

छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि सोमवार को उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का आरोप है कि संस्थान में छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। उनका कहना है कि छात्रावास में आपातकालीन चिकित्सा सुविधा, एंबुलेंस और ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। शनिवार देर रात हुई घटना के बाद सामने आई समस्याओं ने संस्थान की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विद्यार्थियों के मुताबिक, आदित्य को अस्पताल पहुंचाने के लिए दूसरे वर्ष के छात्रों को खुद एंबुलेंस चलानी पड़ी। छात्रों का सवाल है कि यदि संस्थान में आपातकालीन व्यवस्था उपलब्ध है, तो संकट के समय विद्यार्थियों को खुद जिम्मेदारी क्यों उठानी पड़ी?
भूखे पेट धरने पर बैठे छात्र, मेस में नहीं बना खाना
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि प्रबंधन ने पहले आश्वासन दिया था कि 12 अक्टूबर को सुबह 11 बजे चेयरपर्सन और निदेशक उनसे मुलाकात करेंगे। छात्रों के अनुसार, तय समय पर बातचीत नहीं होने से उनका आक्रोश बढ़ गया। उन्होंने कहा कि 11 अक्टूबर को खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांच के दौरान मेस में खाना नहीं बना था, जबकि सोमवार को भी भोजन नहीं दिया गया। छात्र सुबह से भूखे पेट धरने पर बैठे रहे और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निदेशक के इस्तीफे की मांग करते रहे।
प्रदर्शन में शामिल छात्राओं ने कहा कि उनके बैचमेट के साथ जो हुआ, वह गंभीर मामला है। जब तक चेयरपर्सन प्रदर्शन स्थल पर आकर छात्रों से बात नहीं करते, तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे। छात्रों ने कहा कि प्रशासन की ओर से जांच की बात कही जा रही है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

प्रशासन की टीम मौके पर, सड़क जाम हटाने की अपील
प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की टीम और पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने और स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया। पुलिस ने छात्रों से सड़क जाम हटाने की अपील करते हुए कहा कि इससे आम लोगों और एंबुलेंस समेत अन्य वाहनों के आवागमन में परेशानी हो रही है। पुलिसकर्मियों ने कहा कि सड़क पर प्रदर्शन और जाम के लिए निर्धारित नियमों का पालन जरूरी है। छात्रों से कैंपस के भीतर प्रदर्शन करने को कहा गया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे।

जानें, क्या है पूरा मामला
ट्रिपल आइटी रांची में सीएसई ब्रांच के प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य (20) की 10 अक्टूबर की रात खेलगांव हाउसिंग स्थित हॉस्टल में मौत हो गयी थी। बिहार के पूर्णिया जिले के रहने वाले आदित्य का शव ब्लॉक-1 के पांचवें तल्ले पर स्थित कमरा नंबर 504 बी में मिला था। साथियों ने दरवाजा तोड़कर उसे अंदर देखा और नीचे लाने का प्रयास किया। परिजनों और विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि बिजली कटने के दौरान लिफ्ट बंद थी, एंबुलेंस में ड्राइवर और ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं थी तथा मेडिकल स्टाफ भी उपलब्ध नहीं था। इन परिस्थितियों के कारण समय पर इलाज नहीं मिलने का आरोप लगाया गया है।हालांकि, निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव ने कहा था कि छात्र को 10 मिनट में अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने एंबुलेंस में जरूरी सुविधाओं की कमी की जानकारी नहीं होने की बात कही और अनियमितता मिलने पर जांच कराने का आश्वासन दिया था।
पिता ने दर्ज करायी प्राथमिकी, एनएचआरसी ने लिया संज्ञान
आदित्य के पिता विष्णुदेव कुमार राय ने खेलगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज कराकर संस्थान के निदेशक और प्रबंधन के अन्य कर्मियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पिता ने हॉस्टल की आपातकालीन व्यवस्था और निर्धारित एसओपी के पालन पर सवाल उठाये हैं। मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने भी संज्ञान लेते हुए जांच की बात कही है। फिलहाल छात्र संस्थान की जवाबदेही तय करने और निदेशक के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।




