DESK: चतरा अनुमंडल कार्यालय (SDO दफ्तर) में गुरुवार को हजारीबाग एसीबी (ACB) की टीम ने प्रधान लिपिक बासुदेव राम को 15 हजार रुपए घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इस गिरफ्तारी के बाद कार्यालय में कर्मचारियों और एसीबी टीम के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई।


बताया जा रहा है कि किसी कार्य के एवज में चतरा सदर अनुमंडल कार्यालय के लिपिक बासुदेव राम रिश्वत मांगने की शिकायत एसीबी को मिली थी। जिसका सत्यापन करने के बाद एसीबी की टीम ने कार्रवाई की रणनीति तैयार की और गुरुवार को जैसे ही बासुदेव राम ने रिश्वत की राशि ली, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद टीम ने आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर उससे पूछताछ शुरू की गई। एसीबी द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई से सरकारी कार्यालयों में हड़कंप मची है।

एसीबी के अधिकारियों ने गिरफ्तार लिपिक से पूछताछ के बाद मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। साथ ही रिश्वत से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। इधर, एसीबी की टीम ने महज 22 दिनों के भीतर चतरा में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई की है। इससे पहले 15 सितंबर को सदर अंचल कार्यालय के राजस्व उपनिरीक्षक सतीश प्रसाद को भी रिश्वत लेते हुए एसीबी ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।





