जमशेदपुरः एमजीएम मेडिकल कॉलेज में नए सत्र के आठ छात्रों से रैंगिग का मामला सामने आया है। नए सत्र के छात्रों ने 2024-25 बैच के 15 छात्रों पर अभद्र दिप्पणी करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। शिकायत के साथ ऑडियो क्लिप भी कॉलेज प्रबंधन को सौंपी ह। कॉलेज के स्तर पर प्रारंभिक जांच में ऑडियो सही मिलने पर 2024-25 बैच के 15 छात्र कार्रवाई के घेरे में आ गए हैं। शिकायत मिलने के बाद एसडीओ और डीएसपी कॉलेज पहुंचे। एंटी रैगिंग कमेटी, शिकायत करने वाले और आरोपी छात्रों से पूछताछ की।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज में बुधवार देर रात नए सत्र के छात्रों के साथ रैगिंग के मामले में सीनियर छात्रों पर कड़ी कार्रवाई होगी। परीक्षा से डिबार करने, छात्रावास से निष्कासन और जुर्माना तक लगाया जा सकता है। इसको लेकर एमजीएम मेडिकल कॉलेज में शनिवार को दिनभर बैठकें चलती रहीं। शाम में तीन घंटे तक एसडीएम अर्णव मिश्रा ने मामले की जांच और बैठक के बाद कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए।


शनिवार सुबह प्राचार्य कक्ष में एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक हुई। जिसमें नए बैच के सभी छात्रों को बुलाकर पूछताछ की गई। बाद में उनके प्रीफेक्ट को बुलाकर पूछा गया। इसके बाद प्राचार्य ने वहां लगे सीसीटीवी को खंगाला। शाम में एसडीएम अर्णव मिश्रा ने भी बैठक कर जांच की। बैठक में प्राचार्य डॉ. संजय कुमार, अधीक्षक डॉ. बलराम झा के अलावा डॉ. उमाशंकर, डॉ. विश्वास, होमगार्ड कमांडेंट हरिहर सिंह मुंडा आदि मौजूद थे।
आगे ऐसा नहीं होगा का मिला आश्वासन
एसडीएम ने नए बैच के छात्रों और रैगिंग के आरोपी सीनियर छात्रों को बुलाकर पूछताछ की। नए छात्रों को आश्वासन दिया गया कि आगे से ऐसी घटना नहीं होगी। इसके लिए सारी व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन ने कहा कि दोषी छात्रों की पहचान की जा रही है। इसके लिए सीसीटीवी को खंगाला गया। बाद में 2024 और 2025 सत्र के सीनियर छात्रों से पूछताछ की गई। एसडीएम ने कहा कि हॉस्टल का निरीक्षण किया गया और काफी लोगों से पूछताछ की गई। अभी प्राथमिक जांच चल रही है। कार्रवाई में परीक्षा से डिबार करने, हॉस्टल से निष्कासित करने की कार्रवाई तय है। यह सीधा रैगिंग का मामला नहीं बनता है और छात्रों से दुर्व्यवहार का मामला है। 2026 बैच के सभी विद्यार्थियों से पूछताछ की गई है। 2024 और 2025 के सीनियर छात्रों से पूछताछ की गई। सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कमीशन का जो मानदंड और गाइडलाइन है उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। हालांकि सूत्रों ने यह भी बताया कि करीब एक दर्जन आरोपी छात्रों पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना लगाया जा सकता है। एसडीएम ने हॉस्टल का भी निरीक्षण किया।
सितंबर में 50 छात्रों ने रैगिंग के बाद छोड़ा था हॉस्टल
कॉलेज में रैगिंग को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। सितंबर में 2024 बैच के 109 विद्यार्थी हॉस्टल में रहने आए थे। रैगिंग से परेशान होने के बाद इनमें से करीब 50 छात्रों के हॉस्टल छोड़ने की बात सामने आई थी। ‘प्लीज हेल्प मी’ नाम से बनाए गए एक्स अकाउंट के जरिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में रैगिंग का मामला सामने आया था।
पहले भी सामने आ चुके हैं रैगिंग के मामले
अक्टूबर 2025 में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रथम वर्ष की पीजी छात्रा ने चार सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। रिपोर्ट के मुताबिक छात्रा ने चार महीने में 22 किलो वजन कम होने और उपचार के लिए MY Hospital में भर्ती होने की बात कही थी। उसने UGC की राष्ट्रीय एंटी-रैगिंग सेल में भी शिकायत की थी।
नवंबर 2025 में 2025 बैच के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने UGC की एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन पर शिकायत की थी। आरोप था कि 2024 बैच के कुछ सीनियर छात्रों ने उन्हें निजी फ्लैट पर बुलाकर मारपीट और गाली-गलौज की तथा सिगरेट और शराब के लिए मजबूर किया। कॉलेज की एंटी-रैगिंग कमेटी की जांच के बाद चार सीनियर छात्रों को एक महीने के लिए निलंबित किया गया था।



