भागलपुरः विक्रमशीला सेतु जो भागलपुर और कोसी सीमांचल से जोड़ती है उसे एक अक्टूबर से तीन महीने के लिए बंद कर दिया गया। पुल बंद होने के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच रोजाना सफर करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार और प्रशासन द्वारा कि गई सारी तैयारियां अब कम नजर आ रही है।
जिला प्रशासन ने गंगा नदी पार करने के लिए क्रूज, स्टीमर और मालवाहक जहानों का वैकल्पिक इंतजाम किया है जो नाकाफी नजर आ रहा है। पिछले तीन दिनों से रोजाना सफर करने वाले लोगों की लंबी लाइन और भारी भीड़ घाटों पर देखने को मिल रही है। गंगा नदी पार करने के लिए लंबी लाइन के बीच धक्का-मुक्की के बाद लोग बड़ी मुश्किल से क्रूज और स्टीमर पर चढ़ने में कामयाब होते नजर आ रहे है। महिलाएं-बुजुर्ग और बच्चों को इस दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की भीड़ को देखकर प्रशासन के हाथ-पैर फूलते नजर आ रहे है। अभी गंगा नदी में कुल 12 सरकारी स्टीमर, क्रूज और जहानों को लगाया गया है। लोग जान जोखिम में डालकर सफर करते हुए नजर आ रहे है। जहानों पर चढ़ने के लिए इतने लोग आ रहे है कि बिना लाइफ जैकेट के ही गंगा नदी पार कराया जा रहा है।

भागलपुर के विक्रमशिला पुल से आवाजाही बंद होने का असर
घाट पर लागों की लंबी भीड़, नदी पार करने के लिए करनी पड़ रही है भारी मशक्त@PoliceBhagalpur pic.twitter.com/pLe83D8ily
— Live Dainik (@Live_Dainik) October 3, 2026
भारी और निजी वाहनों के लिए मालवाहक जहाज
छोटे यात्रियों के अलावा कारों, ट्रकों, ट्रैक्टरों और अन्य भारी कर्मशियल वाहनों को गंगा के इस पार से उस पार ले जाने के लिए मालवाहक कार्गो जहाजों का परिचालन किया जा रहा है।भारी वाहनों के लिए यह सेवा बाबूपुर घाट और महादेवपुर घाट के बीच संचालित की जा रही है।
तय किए गए नए घाट और प्रतिबंध
आम यात्रियों के चढ़ने और उतरने के लिए बियाडा घाट और जाह्नवी चौक घाट को मुख्य केंद्र बनाया गया है। पुल के भारी-भरकम स्टील गर्डर्स को बरारी घाट पर सुरक्षित रखा गया है, जिसके कारण वहां भारी क्रेनों और मशीनरी की आवाजाही हो रही है। सुरक्षा के मद्देनजर बरारी घाट से किसी भी तरह की फेरी या आम यात्री सेवा के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
क्यों बंद किया गया है पुल?
विक्रमशिला सेतु की जर्जर हालत को देखते हुए पहले सेना (Indian Army) की मदद से वहां एक अस्थायी बेली ब्रिज बनाया गया था, जिससे अब तक गाड़ियां गुजर रही थीं। अब इस व्यवस्था को हटाकर पुल को स्थायी मजबूती देने के लिए करीब 4 स्पैन के अत्याधुनिक डेक टाइप स्टील ट्रस ब्रिज का निर्माण और स्थापना की जा रही है।इस नए स्टील ब्रिज के तैयार हो जाने के बाद विक्रमशिला सेतु की उम्र और भारी वाहनों को झेलने की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। 2015 में पीएम पैकेज योजना के तहत विक्रमशीला सेतु के समानांतर एक अन्य सेतु की घोषणा की गई थी। नए सेतु का काम आठ साल विलंब से 2023 में शुरू हुआ। आम लोग सवाल उठा रहे है कि अगर विक्रमशीला के समानांतर पुल का निर्माण समय पर शुरू हो गया होता तो बिहार के आम लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।





