पटनाः जमुई में छात्रा से छेड़छाड़ करने वाले नंदन यादव के एनकाउंटर के बाद इस पर सियासी बयानबाजी शुरू हो गई। इस मामले को जातीय रंग देने की कोशिश के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बयान सामने आया है। एक तरफ केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी मुख्य आरोपी नंदन यादव का नाम लेकर तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए इसे जातीय रंग देने की कोशिश कर रहे है, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि मैं तो कभी जाति-धर्म के पीछे नहीं पड़ता हूं। अपराधी, अपराधी होता है और उसका कोई जात नहीं होता है। हमारी पुलिस को जब भी कोई अपराधी चैलेंज करेगा तो मेरी पुलिस जरूर जवाब देगी और पीछे नहीं हटेगी।



"अपराधियों की कोई जाति नहीं होती है"
जमुई की घटना के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बयान@samrat4bjp @BJP4Bihar @Jduonline @RJDforIndia @LJP4India #BiharCM pic.twitter.com/b4oBz17g6P
— Live Dainik (@Live_Dainik) September 22, 2026
पटना में कार्यक्रम के दौरान कही ये बात
पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में दोनों डिप्टी सीएम विजय चौधरी और विजय यादव भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पीएम सूर्य घर योजना के तहत 25 हजार लाभार्थियों को सब्सिडी दी गई। सोलर पैनल लगाने वाले लाभार्थियों को 98 हजार रुपये तक फायदा मिल रहा है। इस दौरान सीएम सम्राट ने अपने संबोधन के दौरान नंदन यादव एनकाउंटर पर बयान दिया।
सीएम पहले भी कह चुके हैं ये बात
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार अपराधियों के खिलाफ एक्शन की बात कहते रहे हैं। कई बार सीएम यह कह चुके हैं कि अपराधियों को बिहार से जाना ही होगा। इसके साथ ही बिहार पुलिस टीम को भी मजबूत और पहले से सशक्त बनाया जा रहा है ताकि कानून व्यवस्था सही तरीके से स्थापित की जा सके। ऐसे में आज जमुई जिले में जब पुलिस पर आरोपी ने फायरिंग की तो पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में गोली चलाई।
19 सितंबर को हुई थी घटना
जमुई के मड़वा पहाड़ी इलाके में 19 सितंबर की शाम 10वीं की छात्रा और उसके साथी को कुछ युवकों ने घेर लिया। दोनों कोचिंग से लौट रहे थे।आरोप है कि छात्र के साथ मारपीट की गई। छात्रा को घसीटा गया और उसके साथ अश्लील हरकत की गई। पूरी घटना का वीडियो भी बनाया गया।
21 सितंबर को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
21 सितंबर को घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की। पीड़ितों का बयान लिया गया।इसके बाद केस दर्ज किया गया। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा। तीनों नाबालिग बताए गए हैं। एसडीपीओ दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में एसआईटी बनाई गई है। पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।





