चतरा : अफीम और डोडा की अवैध तस्करी के मामले में चतरा न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए एक ही परिवार के तीन भाइयों को सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शंभू लाल साव की अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर मुंशी यादव, पुन यादव उर्फ पुनाई यादव और रामवृक्ष यादव उर्फ वृक्ष यादव को दोषी करार देते हुए अलग-अलग अवधि की सजा सुनाई। अदालत ने मुंशी यादव को 28 वर्ष, पुन यादव उर्फ पुनाई यादव को 14 वर्ष तथा रामवृक्ष यादव उर्फ वृक्ष यादव को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा और 4.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। मामले में राज्य की ओर से लोक अभियोजक अमित कुमार श्रीवास्तव ने पक्ष रखा। वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सुबोध कुमार मिश्रा और प्रदीप कुमार सिन्हा ने पैरवी की। कोर्ट के इस फैसले को नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
सबसे अधिक सजा मुंशी यादव को
अदालत ने बनियाबांध निवासी मुंशी यादव को 28 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ तीन लाख रुपये अर्थदंड की सजा दी। पुन यादव को 14 वर्ष के सश्रम कारावास और 1.50 लाख रुपये जुर्माने तथा रामवृक्ष यादव को सात वर्ष के सश्रम कारावास और 75 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना नहीं चुकाने पर तीनों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

तीनों घरों से मिली थी नशीले पदार्थों की बड़ी खेप
मामला सात जून 2023 का है। राजपुर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि बनियाबांध के तीन भाइयों के घरों में बड़ी मात्रा में अफीम और डोडा छिपाकर रखा गया है। सूचना के बाद तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अविनाश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तीनों के घरों में क्रमवार छापेमारी की। मुंशी यादव के घर से सात बोरियों में 84.600 किलोग्राम डोडा और 4.600 किलोग्राम अफीम बरामद हुई। वहीं पुन यादव के घर से पांच बोरियों में 99.600 किलोग्राम डोडा तथा रामवृक्ष यादव के घर से दो प्लास्टिक बोरियों में 40.500 किलोग्राम डोडा मिला। इस तरह तीनों ठिकानों से कुल 224.700 किलोग्राम डोडा और 4.600 किलोग्राम अफीम बरामद की गई।
पुलिस पहुंची तो घर छोड़कर हो गए थे फरार
पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही तीनों आरोपी अपने-अपने घरों से फरार हो गए थे। बाद में उन्होंने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर अदालत ने तीनों को दोषी माना और सजा सुनाई।






