दिवंगत सुदिव्य सोनू को बेटे ने दी मुखाग्नि, अंतिम संस्कार में शामिल हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कहा-‘सदैव उनके परिवार के साथ सहारा के रूप में रहूंगा’

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September 6, 2026

दिवंगत सुदिव्य सोनू को बेटे ने दी मुखाग्नि, अंतिम संस्कार में शामिल हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कहा-'सदैव उनके परिवार के साथ सहारा के रूप में रहूंगा'

गिरिडीह: झारखंड सरकार में मंत्री और जेएमएम के वरिष्ठ नेता दिवंगत सुदिव्य सोनू का रविवार अहले सुबह निधन हो गया। गिरिडीह में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सुदिव्य सोनू के अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सरकार के सभी मंत्री शामिल हुए। अपने करीबी साथी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज सरकार के लिए बहुत ही दुखद घड़ी है, आज सरकार के मंत्री सुदिव्य सोनू का अचानक हार्ट अटैक से निधन हो गया। शनिवार देर रात में उनको सेहत की समस्या हुई, हम लोगों ने रातभर बहुत कोशिश की। उनका हार्ट अटैक बहुत ही गंभीर था, उन्हें अस्पताल लाया गया और अंत में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू जी का एक बहुत ही लंबा राजनीतिक यात्रा झारखंड मुक्ति मोर्चा में रही है। बचपन ने लेकर आजतक राजनीतिक-समाजिक क्षेत्र में उनका योगदान रहा है। वो अपने मंत्रिमंडल में काफी ही सक्रिय रहे है। हरेक चीजों को बड़े ही सक्रियता से और काफी गंभीरता से चीजों का अध्ययन करते हुए उनका समाधान भी करते रहे है। अभी भी हमें ये विश्वास नहीं हो रहा है कि वो हमारे बीच नहीं है। बहुत ही अविश्वसनीय घटना आज से हमारे लिए हुई है, लेकिन विधि के विधान के सामने इंसान का बहुत वश नहीं चल पाता। आज उनके इस अंतिम यात्रा में लगभग सभी मंत्रिमंडल, लगभग सभी विधायक शामिल हुए। कई सारे कार्यकर्ता आज उनके अंतिम यात्रा में शामिल हुए।

हेमंत सोरन ने आगे कहा कि आज इस घटना में इनके परिवार जन के लिए मैं क्या ईश्वर से मांगू, मुझे खुद के लिए भी लगता है कि ऊपर वाला शक्ति दें हमको और हमारी सरकार को कि हम उनकी कमी को पूरा कर सके और किसी तरीके से समतुल्य लेकर आ पाए। और जिस तरीके से उनका लगाव-जुड़ाव क्षेत्र में रहा है वो आप सबको पता है। जीवन चक्र में कब क्या किसके साथ हो जाए, कहना बड़ा मुश्किल है, लेकिन आज इनके पूरे परिवारजन के साथ मैं और मेरी सरकार खड़ी है, इनके हर सुख-दुख में उनका एक सहारा के रूप में हमलोग सदैव साथ रहेंगे।

 

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