डेस्कः नेपाल में तिब्बत से आई बाढ़ के पानी ने भयंकर तबाही मचाई है। नेपाल में आये जलप्रलय ने पुल को तोड़ते हुए कई घरों को अपने साथ बहा ले गई। नेपाल में आई बाढ़ से कई लोगों के मरने की खबरें आ रही है, अभी तक मिली जानकारी के अनुसार अबतक आठ लोगों के मौत की आधिकारिक जानकारी सामने आई है। बाढ़ के रौद्र रूप ने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिये है।नेपाल टूरिज्म बोर्ड के मुताबिक रसुवा की भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद 384 यात्रियों के लापता होने की पहचान की है, जिनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं।ये शुरुआती सूची 10 टूरिज्म और ट्रैवल एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर तैयार की गई है।


291 विदेशी नागरिकों में से 105 भारतीय हैं, जबकि बाकी में ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, अमेरिका, मलेशिया, यूके और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक शामिल हैं। कई अन्य विदेशी यात्रियों की राष्ट्रीयता की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है, जबकि 37 यात्रियों को अनिवासी भारतीय के तौर पर लिस्ट किया गया है।
नेपाल में तिब्बत से आई बाढ़ का कहर, सैकड़ों लोगों के बहने की आशंका, कैमरे में कैद हुआ तबाही का डरावना दृश्य.
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— Live Dainik (@Live_Dainik) August 26, 2026
चीन के तिब्बत क्षेत्र से आने वाले इस अचानक सैलाब ने सीमा के पास बसे तिमुरे और स्याफ्रुबेसी इलाकों को तहस-नहस कर दिया। गांव के गांव बह गए, बाजार तबाह हो गए, पुल टूट गए और सड़कें कट गईं। रसुवा की आबादी करीब 50 हजार है. यहां सबसे ज्यादा नुकसान चीन-नेपाल सीमा के नजदीकी इलाकों में हुआ। मुख्य जिला अधिकारी नरेंद्र परियार ने बताया कि गांव और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट साइट्स बहने की खबरें मिल रही हैं। अभी तक हताहतों और नुकसान का पूरा आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन भारी जन-धन हानि की आशंका जताई जा रही है।
यह बाढ़ स्थानीय भारी बारिश से नहीं आई। मौसम विभाग के अनुसार रसुवा में पिछले 24 घंटों में हल्की बारिश ही हुई, जो 7 मिलीमीटर से ज्यादा नहीं थी। भोटेकोशी नदी का ऊपरी हिस्सा तिब्बत से आता है। तिब्बत में किसी ग्लेशियल झील के अचानक फटने (GLOF – Glacial Lake Outburst Flood) से यह पानी आया होगा।

नेपाल में बाढ़ से हाहाकार, तबाही का मंजर
नेपाल की भोटे कोशी नदी में स्थानीय समय के मुताबिक, सुबह करीब नौ बजे तिब्बत की ओर से अचानक तेज बाढ़ आई और सबकुछ अपने साथ बहा ले गई। नेपाल की सेना ने एक बयान में बताया कि पानी का फ्लो अचानक बढ़ने से रसुवा जिले के तिमुरे और समीपवर्ती स्याफ्रुबेसी इलाके में भारी नुकसान हुआ है। पानी अपने साथ वाहन, सामान और अन्य संपत्ति बहा ले गया।
नेपाल के 5 जिलों में हाई अलर्ट
बता दें कि रसुवा जिला काठमांडू के उत्तर-पूर्व में स्थित है और तिब्बत सीमा से करीब 125 किलोमीटर दूर है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा नदी के किनारे रहने वाले लोगों से अगले आदेश तक बहुत ज्यादा सर्तक रहने और सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की है।




