JPSC-JSSC परीक्षाओं पर बड़ा फैसला: 22 भर्तियों की परीक्षा रद्द, पुरानी परीक्षाओं की जांच CID को; फास्ट ट्रैक कोर्ट और आंतरिक निगरानी की तैयारी

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August 18, 2026

रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर चल रही जांच के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से 18 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचनाओं में JPSC और JSSC से जुड़ी कई परीक्षाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। सरकार ने CID/SIT की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और प्राप्त शिकायतों के आधार पर कई परीक्षाओं को रद्द करने, कुछ परीक्षाओं को स्थगित रखने और कई पुरानी परीक्षाओं की जांच CID को सौंपने का निर्णय लिया है।

8 भर्तियों की परीक्षाएं रद्द

सरकार की ओर से जारी पहली अधिसूचना में JPSC द्वारा आयोजित/TDPL के माध्यम से संपादित वर्तमान परीक्षाओं में अनियमितता के संबंध में CID जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर 8 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया गया है।

इनमें शामिल हैं—

  1. झारखंड विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों पर भर्ती — विज्ञापन संख्या 09/2025
  2. Assistant Director/Senior Scientific Officer (Backlog) — विज्ञापन संख्या 10/2025
  3. Assistant Director/Senior Scientific Officer (Regular) — विज्ञापन संख्या 11/2025
  4. Drug Inspector भर्ती — विज्ञापन संख्या 12/2025
  5. सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में Assistant Professor (Backlog) — विज्ञापन संख्या 02/2026
  6. सरकारी पॉलिटेक्निक/महिला पॉलिटेक्निक में Lecturer (Backlog) — विज्ञापन संख्या 03/2026
  7. सरकारी पॉलिटेक्निक/महिला पॉलिटेक्निक में Lecturer (Regular) — विज्ञापन संख्या 04/2026
  8. मेडिकल कॉलेजों में Assistant Professor (Super Specialist) भर्ती — विज्ञापन संख्या 07/2026

अधिसूचना में इन परीक्षाओं के संबंध में CID जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और सरकार के समक्ष प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कही गई है।

पूरा नोटिफिकेशन यहां देखें

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JPSC ये परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं

दूसरी अधिसूचना में JPSC की कई महत्वपूर्ण भर्तियों को लेकर निर्णय लिया गया है। इनमें Civil Judge (Junior Division), Assistant Conservator of Forest, Forest Range Officer, Assistant Public Prosecutor और Jharkhand Combined Civil Services Examination जैसी परीक्षाएं शामिल हैं।

इस सूची में शामिल परीक्षाएं हैं—

  • Civil Judge (Junior Division) — विज्ञापन 22/2023
  • Assistant Conservator of Forest — विज्ञापन 03/2024
  • Forest Range Officer — विज्ञापन 04/2024
  • Assistant Public Prosecutor (Backlog) — विज्ञापन 05/2025
  • Assistant Public Prosecutor (Regular) — विज्ञापन 06/2025
  • Jharkhand Combined Civil Services Examination-2025 — विज्ञापन 01/2026
  • Combined Civil Services Examination (Backlog)-2025 — विज्ञापन 05/2026
  • Combined Civil Services Examination (Backlog)-2023 — विज्ञापन 06/2026

अधिसूचना के मुताबिक, इन परीक्षाओं के संबंध में CID जांच के दौरान सरकार के समक्ष लाए गए तथ्यों की पृष्ठभूमि में निर्णय लिया गया है।

Food Safety Officer से Combined Civil Services-2023 तक की जांच

सरकार ने कुछ अन्य परीक्षाओं को भी CID जांच के दायरे में लिया है। इनमें Food Safety Officer, Child Development Project Officer और Combined Civil Services Examination-2023 शामिल हैं।

इनके विज्ञापन क्रमशः 18/2023, 21/2023 और 01/2024 हैं। इसे भी रद्द कर दिया है ।

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अलग एजेंसी से परीक्षा कराने वाली भर्तियां भी जांच के दायरे में

एक अन्य महत्वपूर्ण अधिसूचना में सरकार ने उन परीक्षाओं का उल्लेख किया है, जिनका प्रारंभिक कार्य JPSC में हुआ, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया TDPL से अलग एजेंसी द्वारा कराई गई थी।

सरकार के अनुसार, JPSC में विभिन्न अनियमितताओं की जांच के क्रम में CID द्वारा की गई जांच और सरकार के सामने प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर इन परीक्षाओं से संबंधित Credentials की जांच के लिए अपराध अनुसंधान विभाग (CID) को जांच का जिम्मा दिया गया है और अगले आदेश तक परीक्षा कार्य स्थगित रखा गया है।

इस सूची में शामिल हैं—

  1. Food Analyst — विज्ञापन 05/2024
  2. Deputy Director, Prosecution — विज्ञापन 03/2025
  3. Project Manager एवं समकक्ष — विज्ञापन 04/2025
  4. Inspector of Factories — विज्ञापन 01/2025
  5. Boiler Inspector — विज्ञापन 02/2025
  6. Director — विज्ञापन 07/2025

यानी इन परीक्षाओं में तत्काल आगे की प्रक्रिया रोकते हुए जांच को प्राथमिकता दी गई है।

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2013 से 2022 तक की पुरानी परीक्षाओं की भी जांच

सरकार का फैसला सिर्फ हाल की भर्तियों तक सीमित नहीं है। 18 अगस्त की अधिसूचना में 2013 से 2022 के बीच आयोजित कई पुरानी JPSC परीक्षाओं को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

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इस सूची में 5th Combined Civil Services Recruitment (2013), Civil Judge भर्ती (2015), Soil Conservation Officer, Agriculture Officer, Food Safety Officer, Dentist, Combined Civil Services Examination-2016, Geologists and Chemists, Assistant Public Prosecutor, Combined Assistant Engineer, Combined Civil Services Examination-2021 और Dental Doctors Recruitment जैसी परीक्षाएं शामिल हैं।

इससे साफ है कि सरकार अब केवल मौजूदा विवादित परीक्षाओं तक सीमित रहने के बजाय पुरानी भर्ती प्रक्रियाओं की भी जांच करा रही है।

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6th Limited Deputy Collector और JET-2024 भी सूची में

छठी अधिसूचना में दो परीक्षाओं का उल्लेख है—

  • 6th Limited Deputy Collector — विज्ञापन संख्या 11/2018
  • Jharkhand Eligibility Test (JET) 2024 — विज्ञापन संख्या 08/2025

इन परीक्षाओं को भी JPSC से संबंधित CID जांच और सरकार के समक्ष प्रस्तुत तथ्यों की पृष्ठभूमि में सूचीबद्ध किया गया है।

JSSC CGL परीक्षा भी रद्द

अधिसूचना संख्या 5408 में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा, विज्ञापन संख्या 10/2023 को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है।

दस्तावेज के मुताबिक, JSSC द्वारा आयोजित CGL परीक्षा में अनियमितता की शिकायत के आलोक में SIT की जांच की गई। इस जांच और वर्तमान में JPSC को लेकर चल रही CID जांच के दौरान सरकार के समक्ष लाए गए तथ्यों की पृष्ठभूमि में CGL परीक्षा (Advt. No. 10/2023) को रद्द करने का निर्णय लिया गया है।

यह फैसला उन अभ्यर्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जो JSSC CGL भर्ती प्रक्रिया से जुड़े हुए थे।

अब फास्ट ट्रैक कोर्ट की तैयारी

अधिसूचना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा सिर्फ परीक्षाओं को रद्द करना या जांच शुरू करना नहीं है। सरकार ने JPSC/JSSC में अनियमितता और कदाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए Fast Track Court गठित करने के लिए माननीय उच्च न्यायालय से अनुरोध करने का निर्णय लिया है।

इसका उद्देश्य परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों और कदाचार के मामलों की सुनवाई में तेजी लाना है।

JPSC-JSSC में होगी आंतरिक निगरानी

सरकार ने JPSC और JSSC में आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ गठित करने का भी निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं को रोकने और संस्थानों की कार्यप्रणाली पर निगरानी मजबूत करना है।

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परीक्षा सुधार के लिए नई कमेटी

सरकार ने परीक्षा सुधार के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अधिसूचना के अनुसार आईएएस अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाएगी।

इस कमेटी में अन्य अधिकारियों के साथ प्रतिष्ठित संस्थान के निदेशक को सदस्य के रूप में शामिल किए जाने की बात कही गई है। कमेटी को दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है।

यानी सरकार अब परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के साथ-साथ भविष्य की भर्ती व्यवस्था में संस्थागत सुधार की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है।

छात्रों और अभ्यर्थियों के लिए बड़ा संदेश

18 अगस्त 2026 की इन अधिसूचनाओं से यह स्पष्ट है कि झारखंड सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर चल रहे विवाद को गंभीरता से लिया है। एक तरफ जहां कई परीक्षाएं रद्द की गई हैं, वहीं कई अन्य परीक्षाओं को जांच पूरी होने तक रोक दिया गया है।

साथ ही, पुरानी परीक्षाओं को भी जांच के दायरे में लाने, JPSC-JSSC में आंतरिक निगरानी व्यवस्था बनाने और परीक्षा सुधार के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है।

हालांकि, अधिसूचनाओं में रद्द की गई परीक्षाओं की नई परीक्षा तिथि, आवेदन प्रक्रिया या अभ्यर्थियों के लिए आगे की विस्तृत कार्ययोजना का उल्लेख नहीं है। इसलिए इन परीक्षाओं में शामिल अभ्यर्थियों को आगे की प्रक्रिया के लिए संबंधित आयोग की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।

क्या-क्या हुआ, एक नजर में

  • 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द — पहली अधिसूचना में सूचीबद्ध।
  • JSSC CGL (Advt. 10/2023) रद्द — SIT जांच के बाद।
  • कई JPSC परीक्षाएं CID जांच के दायरे में।
  • कुछ परीक्षाओं का परीक्षा कार्य अगले आदेश तक स्थगित।
  • 2013 से 2022 तक की कई पुरानी परीक्षाओं की भी जांच।
  • JPSC/JSSC मामलों के लिए Fast Track Court की मांग।
  • दोनों आयोगों में आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ का प्रस्ताव।
  • मुख्य सचिव की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार कमेटी।
  • कमेटी को दो महीने में रिपोर्ट देने का निर्देश।
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