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नक्सलियों के लिए रसद जुटाने वाला इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति मुठभेड़ में ढेर, सागेन दस्ते का था सक्रिय सदस्य

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Live Dainik

April 30, 2026

नक्सलियों के लिए रसद जुटाने वाला इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति मुठभेड़ में ढेर, सागेन दस्ते का था सक्रिय सदस्य

डेस्कःपश्चिमी सिंहभूम के जंगलों में नक्सलियों के सुरक्षित किले को ध्वस्त करते हुए सुरक्षा बलों ने बुधवार को एक बड़ी सफलता हासिल की। सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन ने टोंटो के रूटुगुटू जंगल में एक लाख रुपए के इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत को मुठभेड़ में मार गिराया। वह सागेन दस्ते का सक्रिय सदस्य था और कई मामलों में पुलिस को उसकी तलाश थी। मुठभेड़ के बाद सर्च आॅपरेशन में वहां हथियारों के साथ बड़ी मात्रा में नक्स​ली सामग्री भी बरामद हुई। वह नक्सलियों के लिए रसद और सूचना जुटाने का काम करता था।
पुलिस के मुताबिक 24 अप्रैल की रात नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर गोइलकेरा के दुगुनिया में पूर्व नक्सली रमेश चांपिया उर्फ चांबरा की हत्या कर दी थी। इसके बाद दस्ते के सदस्य सागेन अंगरिया के साथ कोल्हान के जंगल में घुस गए थे। इसकी खुफिया सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों ने गोइलकेरा और टोंटो इलाके में जंगलों नक्सलियों की तलाश में सर्च अभियान शुरू कर दिया। इसी दौरान बुधवार तड़के उनकी नक्सलियों से मुठभेड़ हो गई। दोनों ओर से करीब 45 मिनट तक गोलीबारी हुई। इसमें सुरक्षा बलों ने सांगाजाटा निवासी इसराइल पूर्ति को मार गिराया। सुरक्षा बलों को भारी पड़ता देख नक्सली घने जंगलों में भाग निकले।
कौन था इसराइल पूर्ति
दस्ते को सुरक्षित रास्ता दिखाने में माहिर था…
इसराइल पूर्ति मूल रूप से गोइलकेरा के सांगाजाटा गांव का रहने वाला था। वह संगठन में एरिया कमांडर स्तर के नक्सलियों का विश्वासपात्र था। उसे कोल्हान की भौगोलिक स्थिति की सटीक जानकारी थी। इसलिए घने जंगलों में सुरक्षा बलों की आवाजाही पर नजर रखने और दस्ते को सुरक्षित रास्ता दिखाने में माहिर था। उस पर पुलिस मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या और अपहरण के कई केस दर्ज हैं। हाल ही में हुए रमेश चांपिया हत्याकांड में भी उसकी प्रमुख भूमिका थी। टोंटो और गोइलकेरा के जंगलों में सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किए गए आईईडी ब्लास्ट में भी वह आरोपी था। उसकी मौत दस्ते के लिए बड़ी क्षति मानी जा रही है।
कोल्हान के जंगलों में 20 से 30 नक्सलियों का दस्ता : एसपी
एसपी अमित रेणु ने बताया कि कोल्हान के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना के बाद लगातार सर्च ऑपरेशन चल रहा है। सैकड़ों जवान इलाके की घेराबंदी कर चुके हैं। सारंडा के इलाके से निकलकर 25 से 30 नक्सलियों का हथियारबंद दस्ता कोल्हान के जंगलों में डेरा जमाए है। सूचना पुलिस को मिलते ही अभियान तेज कर दिया गया है।

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