रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में अनियमितता की जांच के क्रम में सीआईडी ने झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में अनियमितता का मामला भी उजागर किया है।जांच के क्रम में ही परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।अपनी पहुंच व सेटिंग की बदौलत उसने न सिर्फ दर्जनभर से अधिक परीक्षाओं में बेहतर रैंक हासिल किया, बल्कि उसने अपने रिश्तेदारों व बड़ी संख्या में बाहरी अभ्यर्थियों को भी रिश्वत की बदौलत परीक्षाओं को पास कराया।
JPSC में गड़बड़ी के मामले में आरोपी मनोज कुमार, रोशन केरकेट्टा और उमाकांत उरांव को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। आरोपी अक्षय कुमार तिवारी और सुषमा कुमारी को भी अब गिरफ़्तार कर लिया गया है। pic.twitter.com/Oo5isfmTRV
— Live Dainik (@Live_Dainik) August 18, 2026
जांच में मिले तथ्यों के आधार पर सीआईडी ने मंगलवार को अभय तिवारी के भाई अक्षय तिवारी व अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी को गिरफ्तार कर लिया है। अक्षय तिवारी जेएसएससी सीजीएल परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वर्तमान में झारखंड सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत था।उसने 14वीं जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा भी पास कर ली थी। वहीं, अभय तिवारी की पत्नी सुष्मिता तिवारी ने भी जेएसएससी सीजीएल परीक्षा उत्तीर्ण की थी और वर्तमान में वित्त विभाग में नौकरी में थी।जांच में मिले सबूत के आधार पर सीआईडी ने दोनों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार की दोपहर सीआईडी की टीम उनके घर पहुंची और पूछताछ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर सीआईडी मुख्यालय पहुंची।
यहां से दोनों न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे और उसके बाद दोनों कोर्ट के आदेश पर न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेज दिए जाएंगे। जेपीएससी मेधा घोटाले की जांच के बाद से अब तक सीआईडी ने कुल 24 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

अभय तिवारी ने पूछताछ में घोटाले के सिंडिकेट को किया था उजागर
अभय तिवारी ने सीआईडी को पूछताछ में जेपीएससी व जेएसएससी मेधा घोटाले के बड़े सिंडिकेट को उजागर किया था। उसने बताया था कि सभी परीक्षाओं में रुपयों के बल पर सेटिंग होती थी। पेपर लीक होता था, कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में भी रिमोट एक्सेस से रुपये देने वाले अभ्यर्थियों को सफल कराया जाता था।ओएमआर शीट में हेराफेरी कर रुपये देने वाले अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाए जाते थे। इसका लाभ उठाकर उसने अपने अलावा अपने आधा दर्जन रिश्तेदारों की भी नौकरी लगवा दी थी। सीआईडी ने जांच के क्रम में ही वर्तमान में उसके दोनों रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपित
अक्षय कुमार तिवारी : पिता सुखदेव तिवारी, कोदारकोसो, बाराचरपा, थाना मारगोमुंडा, जिला देवघर। यह अभय तिवारी का भाई है।
सुषमा कुमारी : पिता विकास पांडेय, हथगर, बडोरा, थाना बेंगाबाद, जिला गिरिडीह। यह अभय तिवारी की पत्नी है।
छात्र आंदोलन के दौरान जारी पोस्टर में भी खुला था अभय तिवारी का राज
जेपीएससी, जेएसएससी की परीक्षाओं में धांधली के विरोध में 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दिन छात्रों के आंदोलन के दौरान एक पोस्टर ने भी अभय तिवारी के करतूत का राज खोला था। लहराए गए पोस्टर के केंद्र में अभय तिवारी था और उसके चारो तरफ उसके वे रिश्तेदार, उनके नाम व उनसे जुड़ी तस्वीरें थीं, जो सफल हुए थे।
पोस्टर के अनुसार सभी रिश्तेदार वर्तमान में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (बीएसओ) के पद पर तैनात थे। सीआईडी ने उन सभी रिश्तेदारों का सत्यापन शुरू कर दिया है। अभय तिवारी स्वयं गोड्डा के पोड़ेयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद चयनित हुआ था। उसकी गिरफ्तारी भी वहीं से हुई थी।
पोस्टर के अनुसार अभय तिवारी के भाई अक्षय तिवारी, अभय के भाई की पत्नी सुषमा कुमारी, अभय तिवारी का साला (बीएसओ में चयनित), भाई (बीएसओ में चयनित), भाभी (बीएसओ में चयनित), साली (बीएसओ में चयनित), ममेरा भाई उपेंद्र मिश्रा (बीएसओ, रैंक-51), चाचा के साढ़ू का बेटा तेजनारायण पंडित (बीएसओ, रैंक 68) शामिल है।
इसके अलावा अभय के मौसा के भाई का बेटा बापी कुमार मिश्रा (बीएसओ, रैंक 124), साला का मौसेरा भाई विक्रम पांडेय (बीएसओ, रैंक 127), बहनोई का भतीजा सुमित कुमार तिवारी (बीएसओ, रैंक 143) भी सफल हुए थे। सीआईडी सभी सूचनाओं का सत्यापन कर रही है। गलत तरीके से सफल होने वालों की गिरफ्तारी होगी।






