लोहरदगा। सावन की तीसरी सोमवारी पर लोहरदगा में भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। बरवाटोली स्थित मनोकामना सिद्धि दुर्गा मंदिर परिसर से कांवरिया संघ बरवाटोली के नेतृत्व में देवाकी बाबा धाम के लिए विशाल कांवर यात्रा निकाली गई। भगवा वस्त्रों में सजे हजारों शिवभक्त करीब 30 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकले। यात्रा में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हुए।
सुबह मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के बाद कांवर यात्रा शुरू हुई। इस दौरान ‘हर-हर महादेव’, ‘बोल बम’ और ‘जय शिव शंकर’ के जयकारों से लोहरदगा की सड़कें गूंज उठीं। देवाकी बाबा धाम पहुंचकर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और सुख-शांति, स्वास्थ्य एवं समृद्धि की कामना की।

डीसी ने खुद उठाया कांवर
यात्रा के शुभारंभ से पहले उपायुक्त संदीप कुमार मीना, पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी और एसडीपीओ किस्को दिवाकर कुमार समेत अन्य अतिथियों ने पूजा-अर्चना की। कांवरिया संघ की ओर से अतिथियों का पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया।
पूजा के बाद उपायुक्त संदीप कुमार मीना ने खुद कांवर उठाकर यात्रा को रवाना किया। डीसी को कांवर उठाए देख शिवभक्तों का उत्साह और बढ़ गया और पूरा माहौल जयकारों से गूंज उठा।
उपायुक्त ने कहा कि कांवर यात्रा आस्था, अनुशासन और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आपसी भाईचारा और शांति बनाए रखने की अपील की।
सुरक्षा को लेकर पुलिस रही मुस्तैद
एसपी सादिक अनवर रिजवी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने कांवरियों से निर्धारित मार्ग और यातायात व्यवस्था का पालन करने की अपील की, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके।
कांवर यात्रा मनोकामना सिद्धि दुर्गा मंदिर से निकलकर ईस्ट गोला रोड, महावीर चौक, अपर बाजार, गुदरी बाजार, हटिया गार्डन, तिवारी दुरा, राणा चौक और मिशन चौक होते हुए देवाकी धाम की ओर बढ़ी। रास्तेभर भगवा ध्वज और कांवर लिए श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए।
शिव-पार्वती की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र
यात्रा में उत्तर प्रदेश से आई शिव-पार्वती की झांकी और धार्मिक प्रस्तुति देने वाली टीम आकर्षण का केंद्र रही। कलाकारों ने भगवान शिव और उनके गणों का रूप धारण कर नृत्य एवं धार्मिक प्रस्तुतियां दीं, जिसे देखने के लिए जगह-जगह लोगों की भीड़ जुटी।

जगह-जगह कांवरियों का स्वागत
लोहरदगा से देवाकी धाम तक कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने कांवरियों का स्वागत किया। महावीर चौक, गुदरी बाजार, सेन्हा चौक और अरु चौक समेत कई जगहों पर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, फल और जलपान की व्यवस्था की गई।
बारिश और करीब 30 किलोमीटर की लंबी पदयात्रा के बावजूद शिवभक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। देवाकी बाबा धाम पहुंचकर कांवरियों ने बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। सावन की तीसरी सोमवारी पर निकली यह यात्रा लोहरदगा में आस्था, भक्ति और सामाजिक सहभागिता का बड़ा उदाहरण बनी।






