लोहरदगाः राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) चीरी, लोहरदगा में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, झारखण्ड द्वारा आयोजित ‘राष्ट्रीय जनजातीय समागम’ को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन जनजातीय संस्कृति, परंपराओं एवं विरासत के संरक्षण के साथ-साथ युवाओं में राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, सेवा-भाव और नेतृत्व की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


राज्यपाल महोदय ने कहा कि झारखण्ड की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, प्रकृति के प्रति सम्मान, सामुदायिक जीवन, लोक परंपराओं एवं सांस्कृतिक विविधता से है। जनजातीय समाज ने सदियों से प्रकृति के साथ संतुलित एवं सामंजस्यपूर्ण जीवन का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जनजातीय कला, लोकनृत्य, लोकगीत, हस्तशिल्प एवं जीवन-दर्शन हमारी अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर हैं, जिनका संरक्षण एवं संवर्धन हम सभी का दायित्व है। राज्यपाल ने कहा कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स चरित्र निर्माण, अनुशासन, सेवा, नेतृत्व एवं राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। संगठन का आदर्श वाक्य ‘तैयार रहो’ युवाओं को जीवन की चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों का एक साथ आना सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा ‘विविधता में एकता’ की भारतीय भावना को और सुदृढ़ करता है।


राज्यपाल महोदय ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में युवा शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से अनुशासन, सेवा एवं राष्ट्रभक्ति के साथ नशामुक्त जीवन का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा ‘नशा मुक्त युवा फ़ॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया गया है। स्वस्थ, जागरूक एवं अनुशासित युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं।











