लोहरदगा : जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी ने गुरुवार को समाहरणालय स्थित पुलिस कार्यालय सभागार में जिले के सभी पुलिस पदाधिकारियों, थाना प्रभारियों और पुलिस निरीक्षकों के साथ विस्तृत अपराध समीक्षा बैठक की। बैठक में वर्ष 2019, 2020 और 2021 से लंबित कांडों की प्रगति, अनुसंधान की स्थिति, न्यायालय में लंबित मामलों, वारंट निष्पादन तथा आगामी पर्व-त्योहारों की सुरक्षा व्यवस्था की बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक के दौरान एसपी ने हाल के दिनों में कांडों के त्वरित उद्भेदन, लंबित मामलों के निष्पादन और बेहतर पुलिसिंग करने वाले पुलिस पदाधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों का मनोबल बढ़ाना भी उतना ही आवश्यक है, जितना कमियों को दूर करना। एसपी सादिक अनवर रिजवी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित कांडों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नए भारतीय आपराधिक कानूनों के अनुरूप निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनुसंधान पूरा कर न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि अनुसंधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रत्येक अनुसंधान पदाधिकारी अपने मामलों की नियमित समीक्षा करें और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान पर विशेष ध्यान दें।

गवाह समय पर पहुंचेंगे, तभी पीड़ितों को मिलेगा त्वरित न्याय
बैठक में न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मजबूत साक्ष्य और समय पर गवाही ही अपराधियों को सजा दिलाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसलिए न्यायालयों से संबंधित प्रत्येक प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जाए और किसी भी स्तर पर समन या वारंट के निष्पादन में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
महिला अपराध और पॉक्सो मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता
एसपी ने पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म, महिला उत्पीड़न तथा एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की अलग से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान, त्वरित कार्रवाई और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला एवं बच्चों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।

पर्व-त्योहारों में कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं
आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, संवेदनशील स्थलों की विशेष निगरानी करने और शांति समिति की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा कायम रखने तथा इंटरनेट मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर लगातार नजर रखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी भ्रामक सूचना पर तत्काल कार्रवाई कर कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाए, ताकि सभी पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों।

अपराध की समीक्षा में इन पुलिस पदाधिकारियों की रही मौजूदगी
बैठक में डीएसपी मुख्यालय समीर तिर्की, एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा, डीएसपी दीवाकर कुमार, पुलिस निरीक्षक सह सदर थाना प्रभारी रत्नेश मोहन ठाकुर, पुलिस निरीक्षक पुष्पलता, चंद्रशेखर प्रसाद, एसपी के विधि सलाहकार विवेक कुमार, सार्जेंट मेजर शेरू रंजन, कुडू थाना प्रभारी अजीत कुमार, किस्को थाना प्रभारी मानस कुमार साधु, जोबांग थाना प्रभारी विष्णु रजक, भंडरा थाना प्रभारी मनोज गुप्ता, कैरो थाना प्रभारी कुंदन रवानी, बगडू थाना प्रभारी दिनेश कुमार, पेशरार थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार, सेरेंगदाग थाना प्रभारी नरेश कुमार यादव, यातायात प्रभारी गैलन रजवार, महिला थाना प्रभारी विनिता हेम्ब्रम, एसटी-एससी थाना प्रभारी लक्ष्मण हांसदा, क्राइम रीडर मनोज कुमार, मुरारी कुमार सहित जिले के सभी थाना एवं ओपी प्रभारी और पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।


