लोहरदगाः विश्व आदिवासी दिवस, 2026 के उपलक्ष्य में आज सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, नदिया, लोहरदगा के परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में उपायुक्त संदीप कुमार मीना एवं पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी समेत जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि प्रकृति और जनजातीय जीवन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। आदिवासी समाज की परंपराओं में जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को विशेष महत्व दिया गया है। पौधरोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरा-भरा और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की।


पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी ने भी पौधरोपण करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा में समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यालय स्तर पर इस प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन से बच्चों में प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
कार्यक्रम के दौरान उप विकास आयुक्त राज महेश्वरम, परियोजना निदेशक आइटीडीए सुषमा नीलम सोरेंग, उप निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार, अनुमंडल दंडाधिकारी अमित कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी दास सुनंदा चंद्रमौलेश्वर समेत अन्य पदाधिकारियों द्वारा भी पौधरोपण किया गया। अधिकारियों ने विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए तथा उनके संरक्षण एवं नियमित देखभाल पर जोर दिया।

विद्यालय परिसर में बच्चों के बीच आयोजित हुई पेंटिंग प्रतियोगिता
विश्व आदिवासी दिवस, 2026 के अवसर पर सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, नदिया के परिसर में विभिन्न आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं के बीच पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से आदिवासी संस्कृति, परंपरा, प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण, जल-जंगल-जमीन तथा जनजातीय जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों को चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त किया।

उपायुक्त संदीप कुमार मीना एवं उपस्थित वरीय पदाधिकारियों ने विद्यालय परिसर में आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों द्वारा बनाए गए चित्रों को देखा और उनकी रचनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उपायुक्त ने बच्चों से उनके चित्रों के विषय एवं उनकी सोच के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें इसी प्रकार अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि बच्चों की रचनात्मकता समाज और संस्कृति को समझने का सशक्त माध्यम है। इस प्रकार की प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों में कला के प्रति रुचि विकसित होने के साथ-साथ अपनी संस्कृति, परंपरा एवं पर्यावरण के प्रति जुड़ाव भी मजबूत होता है।कार्यक्रम के दौरान पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों एवं विद्यालय के शिक्षकों से भी बातचीत की तथा विद्यालय परिसर को हरा-भरा एवं स्वच्छ बनाए रखने की अपील की।इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं एवं संबंधित पदाधिकारी/कर्मी उपस्थित रहे।














