शुभम साहू हत्याकांड का 36 घंटे के अंदर खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, लोहरदगा SP ने बताया कैसे लूट की नाकामी के बाद हुई हत्या

Picture of Live Dainik

Live Dainik

August 1, 2026

लोहरदगा: जिला में दिनदहाड़े युवा व्यवसायी शुभम कुमार की हत्या और महज एक घंटे के भीतर शहर में लूट के दो प्रयास से दहशत फैलाने वाले मामले का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और लगातार छापेमारी के आधार पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त देशी कट्टा, .315 बोर का एक जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल की बरामदगी के लिए पुलिस की टीम रांची सहित अन्य स्थानों पर छापेमारी कर रही है।
शुभम हत्याकांड के खुलासे से पुलिस ने बड़ी सफलता जरूर हासिल की है, लेकिन शहर के व्यापारियों और आम लोगों की निगाह अब इस बात पर है कि आरोपितों को जल्द से जल्द अदालत से सख्त सजा मिले और जिले में दोबारा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस का दावा है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच कर मजबूत साक्ष्यों के साथ आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा, ताकि अपराधियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
एसपी सादिक अनवर रिजवी के अनुसार 30 जुलाई की शाम करीब 4:35 बजे अपर बाजार स्थित खत्री ज्वेलर्स में दो युवकों ने हथियार के बल पर लूट का प्रयास किया था। दुकानदार की सूझबूझ के कारण दोनों अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके और वहां से भाग निकले। इसके करीब एक घंटे बाद शाम 5:30 बजे दोनों आरोपी पतराटोली स्थित पेट्रोल पंप पहुंचे और वहां भी हथियार के बल पर नकदी लूटने की कोशिश की। कर्मचारियों के विरोध और शोर मचाने पर दोनों वहां से भाग निकले। भागने के क्रम में उन्होंने पास स्थित निधि कॉम्प्लेक्स में संचालित प्रिया स्टोर के संचालक शुभम कुमार को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल शुभम को तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सीसीटीवी फुटेज से मिली पहली बड़ी सफलता
घटना के बाद पुलिस ने तीनों घटनास्थलों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। शुरुआती जांच में ही दोनों आरोपितों की पहचान लोहरदगा जिले के कुरसे निवासी लाल रौशन नाथ शाहदेव और गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र के पतागांई निवासी हसमत रजा के रूप में हुई। पहचान होते ही पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्रद्धा केरकेट्टा के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई। टीम में एसडीपीओ किस्को दिवाकर कुमार, थाना प्रभारी रत्नेश मोहन ठाकुर समेत कुल 10 पुलिस पदाधिकारी और तकनीकी शाखा के कर्मियों को शामिल किया गया।
तकनीकी जांच ने दिलाई सफलता
पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी ने बताया कि आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पारंपरिक छापेमारी के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया। दोनों के मोबाइल नंबरों के आधार पर सीडीआर, आईपीडीआर और अन्य तकनीकी डाटा का विश्लेषण किया गया। लगातार बदलते लोकेशन और संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी स्वयं 31 जुलाई की रात करीब तीन बजे तक लोहरदगा थाना में कैंप कर जांच की निगरानी करते रहे और एसआईटी को लगातार दिशा-निर्देश देते रहे। आखिरकार एक अगस्त की सुबह तकनीकी इनपुट के आधार पर ओयना गांव के एक बंद मकान में छापेमारी कर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया।

See also  पटना में शादी के रिसेप्शन पार्टी के दौरान फायरिंग, दो सगे भाईयों की गोली मारकर हत्या

WhatsApp Image 2026 08 01 at

पुलिस ने पूछताछ में कबूला पूरा घटनाक्रम
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपितों ने पूछताछ में तीनों घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त देशी कट्टा और .315 बोर का एक कारतूस बरामद किया गया। मुख्य आरोपित लाल रौशन नाथ शाहदेव ने पूछताछ में बताया कि घटना के बाद वह और उसका साथी लगातार ठिकाना बदलते रहे। दोनों 30 जुलाई की रात रांची में भी छिपे थे। उसने पुलिस को यह भी बताया कि घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और उसका मोबाइल उसके परिचित इश्तेयाक के पास रह गया था। पुलिस अब उस मोटरसाइकिल की तलाश में जुटी है।
पहले ज्वेलरी दुकान, फिर पेट्रोल पंप और आखिर में हत्या
पूछताछ में मुख्य आरोपित ने खत्री ज्वेलर्स की घटना का भी खुलासा किया। उसके अनुसार वह करीब एक सप्ताह पहले उसी दुकान में कान की बाली खरीदने गया था। कीमत को लेकर दुकानदार से उसकी कहासुनी हुई थी। घटना वाले दिन वह दोबारा सोने की चेन खरीदने पहुंचा। वहां विवाद बढ़ने पर उसने हथियार निकालकर दुकानदार को धमकाने का प्रयास किया, लेकिन दुकानदार ने साहस दिखाते हुए उसका हथियार छीन लिया और उसे दुकान से बाहर निकाल दिया। इसके बाद दोनों आरोपी बड़की चांपी स्थित एक जर्जर मकान पहुंचे, जहां पहले से छिपाकर रखा गया देशी कट्टा और कारतूस लेकर पतराटोली पहुंचे। वहां पेट्रोल पंप पर नकदी लूटने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारियों के विरोध के कारण वहां भी सफल नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने पास के प्रिया स्टोर में मौजूद शुभम कुमार को गोली मार दी।
हत्या के पीछे पुरानी दुश्मनी का दावा, जांच जारी
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपित ने दावा किया कि उसकी दुश्मनी पूर्व पीएलएफआई कमांडर संदीप भगत से थी। उसे यह जानकारी मिली थी कि शुभम कुमार उसकी गतिविधियों की सूचना देता था। इसी संदेह के आधार पर उसने शुभम की हत्या कर दी। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह केवल आरोपित का बयान है। इस दावे की स्वतंत्र रूप से जांच की जा रही है और वैज्ञानिक एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
मुख्य आरोपी पर पहले से कई संगीन मामले दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपित लाल रौशन नाथ शाहदेव का आपराधिक इतिहास लंबा रहा है। उसके खिलाफ नामकुम, लोहरदगा और सेन्हा थानों में लूट, चोरी, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि वह पहले से संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।
दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज, जांच जारी
पुलिस ने इस मामले में लूट के प्रयास और हत्या को लेकर लोहरदगा थाना में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं। एसआईटी अब घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल की बरामदगी, आरोपितों के संभावित सहयोगियों और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

See also  हजारीबाग के डेली मार्केट में लगी भीषण आग, 20 दुकानें जलकर हुई राख
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now