रांचीः जेपीएससी की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी मामले में सीआईडी और पुलिस की कार्रवाई बुधवार को भी जारी रही। सीआईडी ने केस दतर्ज कर पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। प्रेस विज्ञप्ति में सीआईडी ने बताया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामला दर्ज कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी को न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सीआईडी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे जो भी नए साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
21 जुलाई को हुई थी JPSC कार्यालय पर छापेमारी
जेपीएससी परीक्षा में अनियमितता की शिकायतों के बाद राज्य सरकार के निर्देश पर 21 जुलाई को सीआईडी की विशेष टीम ने रांची पुलिस के सहयोग से बड़ी कार्रवाई की थी। जांच टीम ने जेपीएससी कार्यालय के अलावा परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी TSR Data Processing Private Limited के कार्यालय सहित राज्य के कई अन्य ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस दौरान जांच टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और अन्य सामग्री अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में मिले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर सीआईडी ने आगे की कार्रवाई तेज कर दी।
उप परीक्षा नियंत्रक समेत पांच लोगों की गिरफ्तारी
सीआईडी की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, शिकायतों और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर CID थाना कांड संख्या 16/2026 दिनांक 22 जुलाई 2026 दर्ज किया गया। इसके बाद श्वेता कुमारी गुप्ता, उप परीक्षा नियंत्रक, JPSC, रामवीर सिंह , निदेशक, TSR Data Processing Private Limited, मो. उस्मान, मो. एबाद और अभय कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को बुधवार को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जांच जारी, आगे और हो सकती है कार्रवाई
सीआईडी ने स्पष्ट किया है कि यह जांच अभी प्रारंभिक चरण में हैं और पूरे मामले की गहन पड़ताल की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य व्यक्तियों की भूमिका या नए साक्ष्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर भी कानून के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में जेपीएससी परीक्षा अनियमितता मामले में आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे तथा अतिरिक्त कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

