रांचीः बंगाल की खाड़ी में निम्न दवाब बनने से झारखंड के कई जिलों में बारिश हो रही है। शुक्रवार को रामगढ़ में सबसे अधिक 61 मिमी बारिश हुई, रांची में 20 मिमी, जमशेदपुर में 9 मिमी, बोकारो में 10 मिमी, चाईबासा में 20 मिमी, खूंटी में 5 मिमी, लोहरदगा में 10 मिमी और कोडरमा में 7 मिमी बारिश दर्ज की गई। रांची में देर रात भी बारिश हुई और शनिवार सुबह से ही बादलों ने रांची को घेर रखा है।
मौसम विभाग के अनुसार, 20 जुलाई तक राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 18 जुलाई को रांची, गढ़वा, चतरा, पलामू, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी और रामगढ़ में भारी बारिश की संभावना है। अन्य जिलों में बादल छाये रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। 19 जुलाई को रांची, लातेहार, गुमला, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, खूंटी और लोहरदगा में भारी बारिश की चेतावनी है। 20 जुलाई को रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लातेहार, लोहरदगा, गढ़वा, पलामू और चतरा में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र ने तीनों दिन इन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।
झारखंड में अब भी सामान्य से 40 प्रतिशत कम बारिशः मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार एक जून से 17 जुलाई तक राज्य में सामान्य से 40 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इस अवधि में सामान्य वर्षापात 359.8 मिमी है, जबकि अब तक 216.8 मिमी बारिश हुई है। रांची में सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब और मजबूत होकर Well Marked Low Pressure Area में बदल गया है। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद बारिश का दायरा पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और आगे चलकर मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों तक भी फैल सकता है।हालांकि, पूरे देश में मानसून एक समान सक्रिय नहीं रहेगा। गुजरात, राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के मुख्य मानसूनी क्षेत्र और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अभी भी अच्छी बारिश की संभावना कम है। इसी कारण देश में बारिश का घाटा फिर बढ़कर 24% तक पहुंच गया है।


