धनबादः Jawahar Navodaya Vidyalaya, Benagoria निरसा के दसवीं कक्षा के एक छात्र की मंगलवार देर रात विद्यालय के ही पांच छात्रों ने हाथ-पैर बांधकर और मुंह में कपड़ा ठूंसकर बेल्ट से जमकर पिटाई कर दी। आरोप है कि आरोपियों ने घटना का वीडियो भी बना लिया। विवाद मोबाइल से पैसे ट्रांसफर करने को लेकर शुरू हुआ था।
निरसा के जवाहर नवोदय विद्यालय बेनागोड़िया के हॉस्टल में 10वीं के एक छात्र की पांच सीनियर छात्रों ने बंधक बनाकर बेरहमी से पिटाई की। आरोपियों ने मंगलवार रात करीब दो बजे छात्र सुमित कुमार दास के कपड़े उतरवा दिए। हाथ-पैर रस्सी से बांध दिया और बेल्ट से पीटा।

जबरन उठक-बैठक कराई। पूरी घटना का वीडियो बनाया और फिर जख्म पर नमक रगड़ दिया। दहशत के कारण छात्र दो दिन तक चुप रहा। हालत बिगड़ने पर बुधवार को उसने परिजनों को आपबीती सुनाई। इसके बाद उसे एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया। स्कूल प्रबंधन ने कमेटी बनाकर जांच करने की बात कही है।
मोबाइल में पैसे ट्रांसफर करने को लेकर की पिटाई
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र सुमित कुमार दास मंगलवार रात हॉस्टल में अपने कमरे में था। उसके साथ उसी कमरे में उसके 6 दोस्त भी थे। मोबाइल में पैसे ट्रांसफर करने के कारण बहस छिड़ गई। मामला इतना बढ़ गया कि सुमित के ही कक्षा में पढ़ने वाले विशाल कुमार, अनिकेत कुमार, नमन राज, लक्ष्मण कुमार महतो, अभिजीत सिंह ने देर रात दो बजे सुमित के हाथ रस्सी से बांधकर पिटाई शुरू कर दी।
छात्रों ने सुमित का वीडियो बनाया
इसके बाद, इन छात्रों ने मोबाइन से सुमित कुमार दास का वीडियो भी बनाया। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि इन छात्रों द्वारा डराते-धमकाते हुए यह किसी को न बताने को कहा गया। पीड़ित छात्र दो दिन तक किसी को कुछ नहीं बताया और स्कूल में नर्स से दवाई खाने लगा। पीड़ित छात्र गोविंदपुर के नगरक्यारी गांव का रहने वाला है।
कैसे खुली बात?
इस बीच सुमित कुमार दास ने फोन करके अपने परिवार से बात की और ठीक होने की बात कही। उसने फोन पर कहा कि वह ठीक है और अच्छे तरीके से पढ़ाई कर रहा है। लेकिन, इसके बाद तबीयत ज्यादा बिगड़ने के कारण सुमित कुमार दास ने परिजन को कॉल कर पूरे मामले की जानकारी दी। परिवार स्कूल पहुंचे। तब जाकर विद्यालय प्रबंधन को जानकारी मिली।तत्काल उसे पांडरा उप-स्वास्थ्य केंद्र उपचार के लिए भेजा गया। छात्र की स्थिति गंभीर होने के कारण एसएनएमएमसीएच धनबाद भेज दिया गया है।
विद्यालय में मोबाइल रखने की अनुमति नहीं: प्रबंधक
विद्यालय के प्रबंधक सीके यादव ने कहा कि स्कूल में किसी भी छात्र को मोबाइल रखने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद बच्चों के पास मोबाइल होते हैं। बच्चों के परिजन खुद चोरी-छिपे बच्चों को मोबाइल दे देते हैं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए कमेटी बनाकर छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालय और छात्रावास में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं और पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाती है। प्राइवेसी के कारण क्लास रूम में कैमरे नहीं लगाए गए है।
रैगिंग के पहलू से भी जांच: मामला काफी गंभीर है। पीड़ित का बयान दर्ज करने का आदेश दिया है। स्कूल प्रबंधन से भी मामले में पूछताछ की जाएगी। प्रारंभिक तौर पर पैसों के लेनदेन की बात सामने आई है। लेकिन रैगिंग के पहलू को भी ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। -लिलेश्वर महतो, एसडीपीओ निरसा


