रांचीः झारखंड के संताल परगना क्षेत्र में आतंक का पर्याय बन रहे संगठित आपराधिक गिरोह डेविल्स गैंग के खिलाफ पुलिस मुख्यालय ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक घेराबंदी तैयार कर ली है। राज्य की पुलिस महानिदेशक(DGP) तदाशा मिश्रा के निर्देश पर सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने के लिए एक ज्वाइंट एक्शन टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो सीधे वैज्ञानिक साक्ष्यों और कानून के कड़े शिकंजे के जरिए इस ग्रुप का सफाया करेगी।
इस ग्रुप के अपराधी गोड्डा व दुमका जिले के आसपास सक्रिय हैं। झारखंड पुलिस मुख्यालय में आयोजित बैठक में डीजीपी के साथ आइजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह, आईजी दुमका पटेल मयूर कन्हैयालाल, एसपी अभियान दीपक कुमार शर्मा मौजूद थे। वहीं, वीडियो कांफ्रेंसिंग से डीआईजी दुमका, एसपी दुमका व गोड्डा उपस्थित थे।
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने बैठक के दौरान डीआइजी दुमका प्रक्षेत्र को डेविल्स ग्रुप से जुड़े सभी संदिग्ध सदस्यों का भौतिक सत्यापन कराने के साथ ही ज्वेलरी लूट व छिनतई से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा कर उनके शीघ्र निष्पादन के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने अवैध हथियारों की तस्करी रोकने तथा अंतरराज्यीय समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है।
ज्वाइंट टीम का गठन करने के निर्देश
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि इस प्रकार के संगठित अपराधों के प्रभावी अनुसंधान एवं त्वरित उद्भेदन के लिए चार जिलों गोड्डा, दुमका, जामताड़ा और देवघर की सहभागिता से एक संयुक्त विशेष टीम (Joint Team) का गठन किया जाएगा। यह टीम पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में कार्य करेगी और संबंधित जिलों में घटित इस प्रकार की सभी घटनाओं का समन्वित अनुसंधान और उद्भेदन करेगी। संयुक्त टीम की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा रिपोर्ट पुलिस महानिरीक्षक, दुमका प्रक्षेत्र को उपलब्ध कराई जाएगी।
“गिरफ्तार अपराधियों को सजा दिलाएं”
पुलिस महानिदेशक ने पुलिस महानिरीक्षक, दुमका प्रक्षेत्र एवं पुलिस महानिरीक्षक (अभियान), झारखंड को निर्देश दिया गया कि वे डेविल्स ग्रुप से जुड़े गिरफ्तार अपराधियों के विरुद्ध वैज्ञानिक एवं ठोस साक्ष्य संकलित करें, गवाहों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, जमानतदार का सत्यापन कराया जाए तथा अभियोजन पक्ष के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर मामलों का स्पीडी ट्रायल कराया जाए, ताकि दोषियों को शीघ्र सजा (Conviction) दिलाई जा सके। साथ ही उन्होंने वरीय पदाधिकारियों को भी क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहने, पीसीआर द्वारा सघन गश्ती करने का भी निर्देश दिया है।


