लोहरदगा : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने बुधवार को शहर के ऐतिहासिक विक्टोरिया बड़ा तालाब पहुंचकर बोटिंग का आनंद लिया। इस दौरान उन्होंने तालाब की प्राकृतिक सुंदरता का करीब से अवलोकन किया और इसके संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से समग्र विकास की आवश्यकता पर बल दिया। उनके आगमन की सूचना मिलते ही स्थानीय नागरिकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया। बड़ी संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया और तालाब के विकास को लेकर अपनी अपेक्षाएं भी साझा कीं।


इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि निशीथ जायसवाल, हाजी जब्बारुल अंसारी, नगर परिषद के उपाध्यक्ष अब्दुल कादिर, इंतियाज अंसारी सहित कई गणमान्य नागरिक एवं कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने विक्टोरिया बड़ा तालाब के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार पर बल देते हुए इसे लोहरदगा की पहचान के रूप में विकसित करने की आवश्यकता जताई।

पर्यटन विकास से जिले की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार
बोटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत में धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि विक्टोरिया बड़ा तालाब लोहरदगा की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि इसका योजनाबद्ध तरीके से विकास किया जाए तो यह न केवल जिले का प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के आर्थिक विकास का भी मजबूत आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने का प्रभावी साधन है। पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से होटल, परिवहन, खान-पान, हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

सौंदर्यीकरण, सुरक्षा और सुविधाओं पर दिया जोर
पूर्व सांसद ने कहा कि किसी भी पर्यटन स्थल की पहचान उसके बेहतर रखरखाव और सुविधाओं से होती है। विक्टोरिया बड़ा तालाब के आसपास व्यापक सौंदर्यीकरण, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा, बैठने की समुचित व्यवस्था, बच्चों के लिए मनोरंजन के साधन, पार्किंग और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि तालाब की स्वच्छता और प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। इसके लिए प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।

प्राकृतिक धरोहरों की रक्षा सामाजिक जिम्मेदारी
धीरज प्रसाद साहू ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों और प्राकृतिक धरोहरों की सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। प्रत्येक नागरिक को इनके संरक्षण और स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। यदि समाज और प्रशासन मिलकर प्रयास करें तो लोहरदगा की प्राकृतिक धरोहरें आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सकेंगी। उन्होंने कहा कि लोहरदगा प्राकृतिक संसाधनों और ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों से समृद्ध जिला है। आवश्यकता इस बात की है कि इन स्थलों का वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से विकास किया जाए, ताकि लोहरदगा झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सके।

सामूहिक प्रयास से मिलेगा बेहतर परिणाम
पूर्व सांसद ने कहा कि पर्यटन विकास केवल किसी एक विभाग का विषय नहीं है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन, स्थानीय निकायों और आम नागरिकों को मिलकर काम करना होगा। सामूहिक प्रयासों से ही पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और जिले के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।







