लोहरदगा : उपायुक्त संदीप कुमार मीना ने शुक्रवार को किस्को प्रखंड के विभिन्न पंचायतों और गांवों का व्यापक दौरा कर शिक्षा, कृषि, खेल, ग्रामीण विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तथा निर्माण कार्यों और सेवा प्रदायगी में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। दौरे की शुरुआत राजकीयकृत मध्य विद्यालय, किस्को के निरीक्षण से हुई। उपायुक्त ने विद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, बच्चों की उपस्थिति, आधारभूत सुविधाओं और शिक्षण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कक्षा छह के छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, शिक्षकों की उपलब्धता और विद्यालय में मिलने वाली सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रथम एवं द्वितीय कक्षा के बच्चों से भी बातचीत कर उनकी सीखने की क्षमता और शैक्षणिक प्रगति का आकलन किया। बच्चों से सवाल पूछकर उनकी पढ़ाई की गुणवत्ता की जांच की तथा शिक्षकों को बच्चों की बुनियादी शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा किसी भी समाज के विकास की आधारशिला है। विद्यालयों में ऐसा वातावरण तैयार किया जाना चाहिए जहां बच्चे सीखने के लिए प्रेरित हों और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो। निरीक्षण के दौरान पीडी आइटीडीए सुषमा नीलम सोरेंग, जिला शिक्षा अधीक्षक अभिजीत कुमार, प्रशासी पदाधिकारी दुबराज यादव, प्रखंड विकास पदाधिकारी अजय कुमार , सहायक सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

मध्याह्न भोजन और स्वच्छता व्यवस्था की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विद्यालय की पाकशाला का भी जायजा लिया। उन्होंने मध्याह्न भोजन के निर्धारित मेनू, भोजन की गुणवत्ता, खाद्य सामग्री के भंडारण और पाकशाला में कार्यरत कर्मियों की संख्या के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि बच्चों को प्रतिदिन निर्धारित मेनू के अनुसार पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। खिचड़ी, सब्जी एवं अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ पाकशाला और विद्यालय परिसर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा।

आईसीटी लैब में कंप्यूटर शिक्षा की समीक्षा
उपायुक्त ने विद्यालय के आईसीटी लैब का निरीक्षण कर डिजिटल शिक्षा की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित शिक्षकों से पूछा कि विद्यार्थियों को किस समय और किस प्रकार आईसीटी आधारित शिक्षा प्रदान की जा रही है।विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को नियमित रूप से कंप्यूटर शिक्षा दी जाती है। उपायुक्त ने कहा कि आधुनिक समय में डिजिटल शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है और विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए आईसीटी लैब का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

जर्जर भवन हटाने और फुटबॉल मैदान विकसित करने का निर्देश
विद्यालय परिसर स्थित पुराने एवं जर्जर भवन का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने भवन प्रमंडल को उसे हटाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। साथ ही भवन में रखी सामग्री का नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने विद्यालय के सामने स्थित खाली भूमि का अवलोकन कर उसे प्रखंड स्तरीय फुटबॉल मैदान के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। उनका कहना था कि शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना भी बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।
गोबरधन योजना बनी ग्रामीणों के लिए स्वच्छ ऊर्जा का स्रोत
इसके बाद उपायुक्त ने परहेपाट पंचायत के जनवल गांव में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत संचालित गोबरधन योजना का निरीक्षण किया। उन्होंने लाभुकों से बातचीत कर योजना की उपयोगिता और संचालन व्यवस्था की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि गोबरधन संयंत्र से उत्पादित बायोगैस का लाभ वर्तमान में गांव के 15 परिवारों को मिल रहा है। संयंत्र संचालक ने बताया कि प्रतिदिन सुबह पांच बजे से साढ़े छह बजे तक गैस आपूर्ति की जाती है तथा संयंत्र में लगभग 1500 किलोग्राम जैविक अपशिष्ट का प्रतिदिन प्रसंस्करण किया जाता है। उपायुक्त ने योजना के संचालन और वित्तीय प्रबंधन की समीक्षा करते हुए समिति का बैंक खाता शीघ्र खोलने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गोबरधन योजना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण पहल है।

आधुनिक खेती और इंटरक्रॉपिंग मॉडल को बढ़ावा
जनवल गांव में किसान चमरू महतो की बिरसा हरित ग्राम योजना अंतर्गत विकसित आम बागवानी का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने खेती को अधिक लाभकारी बनाने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने किसान को इंटरक्रॉपिंग अर्थात अंतरवर्ती खेती का मॉडल अपनाने की सलाह दी और प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी को इसे मॉडल फार्म के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसान एक ही भूमि पर बहुफसली खेती अपनाएं तो उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
ड्रिप सिंचाई और जल संरक्षण पर विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने खेत में स्थित कुएं का अवलोकन किया और सिंचाई सुविधा को मजबूत करने के लिए उसे और गहरा करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया।इसके साथ ही बीपीओ को किसान को ड्रिप सिंचाई प्रणाली उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज करने को कहा। उपायुक्त ने कहा कि ड्रिप सिंचाई से जल संरक्षण होता है, उत्पादन बढ़ता है और खेती की लागत में कमी आती है।

निर्माणाधीन पंचायत भवन की प्रगति पर जताई चिंता
देवदरिया पंचायत में निर्माणाधीन पंचायत भवन का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने कार्य की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि कुछ कार्यों में और तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने सहायक अभियंता को निर्माण कार्य में अपेक्षित गति लाने तथा पंचायत भवन परिसर में डीप बोरिंग के माध्यम से पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मल्टीपर्पस सेंटर की सुविधाओं का लिया जायजा
इसके बाद उपायुक्त ने पीएम-जनमन योजना के तहत खरचा गांव में निर्मित मल्टीपर्पस सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने सभागार, शौचालय, बाथरूम, सेप्टिक टैंक, डीप बोरिंग एवं अन्य सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया।उन्होंने शौचालय और बाथरूम में समुचित वेंटिलेशन सुनिश्चित करने तथा परिसर में क्षतिग्रस्त पेवर ब्लॉक की मरम्मत कराने का निर्देश दिया ताकि भवन का बेहतर उपयोग हो सके।
बिरहोर परिवारों की समस्याएं सुनीं, विशेष शिविर लगाने का निर्देश
खरचा गांव में उपायुक्त ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) बिरहोर समुदाय के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। उपायुक्त ने अंचल अधिकारी को गांव में विशेष शिविर आयोजित कर सर्वजन पेंशन योजना, आयुष्मान कार्ड, खाद्य सुरक्षा योजनाओं तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं से सभी पात्र लाभुकों को जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी बिरहोर परिवारों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने, पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आवासविहीन परिवारों को आवास योजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

दो माह में तैयार होगा प्रखंड स्तरीय खेल स्टेडियम
दौरे के अंतिम चरण में उपायुक्त ने तिसिया गांव में निर्माणाधीन प्रखंड स्तरीय खेल स्टेडियम का निरीक्षण किया। उन्होंने खेल कोर्ट, बाउंड्री वॉल, दर्शक गैलरी, चेंजिंग रूम, डीप बोरिंग और ग्रास टर्फिंग कार्यों की समीक्षा की।उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य स्वीकृत प्राक्कलन और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। उन्होंने स्टेडियम परिसर में जल निकासी के लिए नाली निर्माण, शौचालयों की साफ-सफाई तथा मुख्य प्रवेश द्वार पर स्टेडियम का नाम आकर्षक ढंग से अंकित कराने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने बताया कि आगामी दो माह के भीतर स्टेडियम का निर्माण कार्य पूर्ण कर उसे हस्तांतरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस पर उपायुक्त ने सभी शेष कार्यों में तेजी लाने और तय समय सीमा में स्टेडियम को खिलाड़ियों के उपयोग के लिए तैयार करने का निर्देश दिया।


