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Sejal Pawar ने शव के प्राइवेट पार्ट को उड़ाया था मजाक, माफी मांगने के बाद भी हो रही है ट्रोल, जानिये NEET में कितने मार्क्स थे? रिजल्ट देख चौंक जाएंगे

Sejal Pawar ने शव के प्राइवेट पार्ट को उड़ाया था मजाक, माफी मांगने के बाद भी हो रही है ट्रोल, जानिये NEET में कितने मार्क्स थे? रिजल्ट देख चौंक जाएंगे

डेस्कः कॉमेडी शो में शव के प्राइवेट पार्ट का मजाक उड़ाने वाली सेजल पवार के माफी मांगने के बाद भी सोशल मीडिया पर लोग उसे जमकर ट्रोल कर रहे है। सेजल ने अपनी सफाई में कहा कि यह उनका पहला कॉमेडी शो था और उन्हें अंदाजा नहीं था कि 3 महीने भर पहले की गई बात का इतना बड़ा मुद्दा बन जाएगा। स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो के वायरल वीडियो में मुंबई के मशहूर KEM हॉस्पिटल की MBBS फाइनल ईयर की छात्रा सेजल पवार क्राउड वर्क के दौरान मेडिकल रिसर्च के लिए दान किए गए पुरुषों के शवों के प्राइवेट पार्ट्स के साइज का मजाक उड़ाती नजर आ रही हैं।


इस इंस्टाग्राम वीडियो ने न सिर्फ डॉक्टरों, बल्कि आम जनता को भी आक्रोशित कर दिया है।वीडियो के वायरल होते ही सेजल पवार चौतरफा घिर चुकी हैं। मेडिकल एसोसिएशन से लेकर सोशल मीडिया यूजर्स तक, हर कोई उनका लाइसेंस रद्द करने और कॉलेज से निकालने की मांग कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने सेजल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हॉस्पिटल प्रशासन ने भी जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए कमेटी बना दी है। इस फजीहत के बीच लोग जानना चाहते हैं कि दूसरों की भावनाओं का इस तरह मजाक उड़ाने वाली इस मेडिकल स्टूडेंट के नीट परीक्षा में कितने नंबर थे? जानिए सेजल पवार के 12वीं रिजल्ट से लेकर नीट स्कोर तक का रिकॉर्ड।


नीट यूजी में सेजल को मिले थे इतने मार्क्स
कॉमेडी शो में पुरुष शवों के अंगों पर अमर्यादित टिप्पणी करने वाली सेजल पवार ने डॉक्टर बनने का सफर साल 2022 में शुरू किया था।ऑफिशियल रिकॉर्ड के मुताबिक, उन्होंने देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट यूजी’ में 720 में से कुल 406 अंक हासिल किए थे। इसी स्कोर के आधार पर उन्हें मुंबई के प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेज ‘सेठ जीएस मेडिकल कॉलेज एंड केईएम हॉस्पिटल’ में दाखिला मिला था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेजल पवार को सरकारी सीट आरक्षित कोटे (Reserved Category) के तहत आवंटित हुई थी।
नीट स्कोर के साथ-साथ सेजल पवार की 12वीं क्लास की मार्कशीट की डिटेल्स भी सामने आ चुकी हैं. सेजल ने कक्षा 12वीं में इंग्लिश सब्जेक्ट में 100 में से 87 नंबर स्कोर किए थे। वहीं अगर मेडिकल की रीढ़ माने जाने वाले कोर विषयों- यानी फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) की बात करें तो उन्हें 300 में से कुल 190 अंक मिले थे। मतलब पीसीबी ग्रुप में उनके महज 63 %मार्क्स थे। केईएम जैसे टॉप सरकारी हॉस्पिटल (जिसे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ ग्रेटर मुंबई चलाती है) में सामान्य वर्ग के छात्रों को 600 से अधिक नंबर लाने पर ही सीट मिल पाती है।
इस पूरे विवाद की सबसे दुखद बात है कि मेडिकल स्टूडेंट्स जिस ‘कैडवेर’ (शव) पर अपनी पढ़ाई और रिसर्च करते हैं, उसे समाज के लोग निस्वार्थ भाव से विज्ञान के लिए दान करते हैं। सोशल मीडिया पर डॉक्टरों और आम लोगों ने सेजल की टिप्पणी को उन्हीं ‘बॉडी डोनर्स’ का घोर अपमान बताया है। लोगों का कहना है कि अगर भावी डॉक्टर ही ऐसे असंवेदनशील मजाक करेंगे तो भविष्य में लोग मेडिकल कॉलेजों को देहदान करना बंद कर देंगे। इसी नाराजगी के चलते डॉक्टरों की संस्था ‘मार्ड’ (MARD) और हजारों यूजर्स सेजल का मेडिकल लाइसेंस रद्द करने की मांग पर अड़े हैं।


बैकफुट पर आईं सेजल पवार, इंस्टाग्राम पर मांगी माफी
कानूनी शिकंजा कसने और हॉस्पिटल की तरफ से सख्त एक्शन लिए जाने के डर से सेजल पवार अब पूरी तरह बैकफुट पर आ गई हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से सभी को अनफॉलो कर दिया है और बायो भी खाली कर दिया है। एक वीडियो संदेश जारी कर सेजल ने रोते हुए माफी मांगी है। उन्होंने कहा, ‘यह मेरा पहला कॉमेडी शो था. मैं अपनी कही बात का बचाव नहीं कर रही हूं, मैं इसकी पूरी जिम्मेदारी लेती हूं। मुझसे बहुत बड़ी गलती हुई है।’ हालांकि, महाराष्ट्र साइबर पुलिस और केईएम हॉस्पिटल की आंतरिक कमेटी इस मामले को इतनी आसानी से रफा-दफा करने के मूड में नहीं दिख रही है।

महाराष्ट्र साइबर ने सोशल मीडिया पर कथित अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट प्रसारित किए जाने के मामले में स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे, हिमांशु जांगड़ा, डॉ. सेजल पवार और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जांच एजेंसी के अनुसार, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर प्रसारित कुछ वीडियो क्लिप्स में महिलाओं, सहमति (कंसेंट) और मृत व्यक्तियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। महाराष्ट्र साइबर का कहना है कि इस तरह की सामग्री सामाजिक मर्यादाओं और कानून के प्रावधानों का उल्लंघन कर सकती है। मामले में संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए समन जारी किए गए हैं और जांच जारी है।

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