पटना: बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कार्रवाई के दौरान आय से अधिक संपत्ति के एक मामले ने सभी को हैरान कर दिया। जांच एजेंसी ने एक ऐसे सरकारी कर्मचारी के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसने अपने करियर की शुरुआत एक प्यून (चपरासी) के रूप में की थी, लेकिन बाद में अकाउंटेंट के पद तक पहुंच गया। जांच में उसके पास करोड़ों रुपये की संपत्ति होने के संकेत मिले हैं। EOU टीम ने नगर परिषद के अकाउंटेंट मनीष कुमार के दो ठिकानों पर छापेमारी की. सुबह करीब 8 बजे EOU की टीम हाजीपुर के बागमली इलाके स्थित उनके आवास पर पहुंची। छापेमारी के दौरान स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रही।
EOU की टीम जब आरोपी कर्मचारी के आवास और अन्य परिसरों पर पहुंची तो वहां की भव्यता देखकर अधिकारी भी आश्चर्यचकित रह गए। जांच में करीब दो करोड़ रुपये मूल्य का आलीशान बंगला, महंगी एसयूवी थार, सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। प्रारंभिक जांच में संपत्ति का मूल्य उसकी वैध आय की तुलना में कहीं अधिक बताया जा रहा है।प्रारंभिक जांच में टीम को 2 करोड़ रुपये से अधिक कीमत का आलीशान बंगला मिला है। इसके अलावा एक थार गाड़ी, लाखों रुपये की ज्वेलरी, 10 सीडी और नकदी भी बरामद हुई है। जांच अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं।इन कागजातों की जांच की जा रही है।
पिता की जगह मिली थी नौकरी
जानकारी के अनुसार, मनीष कुमार को करीब 10 साल पहले अपने पिता के निधन के बाद अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिली थी। उस समय उन्हें प्यून के पद पर नियुक्त किया गया था। बाद में वह अकाउंटेंट के पद तक पहुंच गए।।जिस घर में छापेमारी चल रही है, उसकी कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

इसी घर में छापेमारी चल रही, इसकी कीमत 2 करोड़ से अधिक बताई जा रही।
परिवार के साथ रहते हैं मनीष कुमार
बताया जा रहा है कि मनीष कुमार अपनी मां और पत्नी के साथ इसी बंगले में रहते हैं। उनके बच्चे बाहर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।

आय से अधिक संपत्ति का आरोप
आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, मनीष कुमार पर अपनी ज्ञात आय से लगभग 2 करोड़ 2 लाख 31 हजार 500 रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। जांच एजेंसी का दावा है कि यह संपत्ति उनकी वैध आय से करीब 208.57 प्रतिशत अधिक है।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
सूत्रों के मुताबिक, EOU को मनीष कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। इसी शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान मिले तथ्यों के बाद विशेष निगरानी न्यायालय, मुजफ्फरपुर से तलाशी वारंट प्राप्त किया गया। इसके बाद गुरुवार को छापेमारी की कार्रवाई की गई।
फिलहाल EOU की टीम संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और अन्य कागजातों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







