रांचीः कोतवाली पुलिस ने सीसीएल में क्लर्क के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक शातिर को गिरफ्तार किया है। आरोपी सुजीत कुमार सिन्हा पटना के बख्तियारपुर का रहने वाला है। फिलहाल वह कांके थाना क्षेत्र के अरसंडे में घर बनाकर रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि सुजीत पिछले तीन वर्षो में 60 से अधिक लोगों को निशाना बना चुका है। उसने उनसे लगभग दो करोड़ रुपये की ठगी की। आरोपी ने 11 अभ्यर्थियों को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी दिया था। आरोपी अभ्यर्थियों का भरोसा जीतने के लिए फर्जी इंटरव्यू भी कराता था। पीड़िता रिमझिम ने बताया कि मई में उसे इंटरव्यू के लिए दरभंगा हाउस स्थित सीसीएल के कांफ्रेंस हॉल में बुलाया गया था। इंटरव्यू के दौरान सुजीत कैंटीन में बैठा रहा, जबकि कांफ्रेंस हॉल में एक अन्य व्यक्ति ने उसका इंटरव्यू लिया। टेबल पर शिव शंकर चंद्रा के नाम की नेम प्लेट लगी थी। इससे उसे विश्वास हो गया कि इंटरव्यू लेने वाला व्यक्ति सीसीएल का अधिकारी है। जब ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिला तो पीड़ितों को संदेह हुआ। पैसा वापस मांगने पर आरोपी टालमटोल करने लगा। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
जेवर व जमीन बेचकर अभ्यर्थियों ने दिए पैसे
पीड़ितों ने बताया कि ठग किसी से 2 लाख तो किसी से 3 लाख तक ले चुका है। नौकरी लगने पर 10 लाख तक खर्च होने की बात कही थी। किसी ने जेवर तो किसी ने जमीन बेचकर पैसे दिए हैं। पीड़ित सचिन गुप्ता ने बताया कि आरोपी ने बेटी को नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। 2 लाख कर्ज लेकर दे दिए। नौकरी भी नहीं लगी और अ पैसे भी नहीं दे रहा। पीड़ित अमित कुमार महतो ने बताया कि पत्नी बीएड की पढ़ाई कर रही थी। 2 साल पहले आरोपी से संपर्क कर सीसीएल में नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद पत्नी को बीच में ही बीएड की पढ़ाई छुड़वा दी। पढ़ाई भी पूरी नहीं करा पाए और नौकरी भी नहीं लगी। जेवर बेचकर 2 लाख दिए जो अब आरोपी वापस देने को तैयार नहीं है। पूरा परिवार परेशान हो गया है।
15 अभ्यर्थियों का पुलिस ने दर्ज किया बयान
सुजीत कुमार सिन्हा के पकड़े तजाने की जानकारी मिलने के बाद 15 पीड़ित अभ्यर्थी मंगलवार को कोतवाली थाना पहुंचे। पुलिस के समक्ष सभी ने खुद के साथ हुई ठगी की जानकारी दी। पुलिस ने सभी पीड़ित का बयान दर्ज कर लिया है। इन 15 अभ्यर्थियों से 18 लाख रुपए लिए जाने की बात आरोपी ठग ने कबूली है।


