लोहरदगा : शहर के बीचोंबीच स्थित बड़ा तालाब से कथित तौर पर अवैध तरीके से मछली निकासी का मामला मंगलवार को इंटरनेट मीडिया पर सामने आने के बाद नगर परिषद की व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बड़ा तालाब का एकरारनामा मार्च 2026 में समाप्त हो गया है। बावजूद लगातार जाल लगाकर मछलियां निकाली जा रही हैं। हैरानी की बात यह है कि नया टेंडर होने से पहले ही तालाब से बड़े पैमाने पर मछली निकासी का सिलसिला जारी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार मार्च माह से अब तक कई बार तालाब में जाल डालकर मछलियां पकड़ी गई हैं। लोगों का कहना है कि यदि एकरारनामा की अवधि समाप्त हो चुकी है तो फिर किसके आदेश पर और किस अधिकार के तहत तालाब से मछलियां निकाली जा रही हैं। इससे सरकारी राजस्व का भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार बड़ा तालाब के मत्स्य दोहन के लिए नया टेंडर 12 जून 2026 को प्रस्तावित है। ऐसे में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले मछली निकासी को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल इस मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग पर रोक लगाई जा सके। मामले को लेकर नगर परिषद प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी मुक्ति किंडो का कहना है कि बड़ा तालाब का एकरारनामा मार्च 2026 में समाप्त हो चुकी है और नए टेंडर की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि एकरारनामा समाप्त होने की जानकारी संबंधित को भी दी गई है। बड़ा तालाब का टेंडर 12 जून को प्रस्तावित है। यदि इस बीच कोई व्यक्ति या समूह अवैध रूप से तालाब से मछली निकाल रहा है तो इसकी जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इधर, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तालाब की निगरानी बढ़ाने, अवैध मछली निकासी पर तत्काल रोक लगाने तथा दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।


