पटनाः बिहार राज्य महिला आयोग के सामने एक ऐसा मामला आया है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। एक पत्नी अपने पति और उसके घर वालों की शिकायत लेकर महिला आयोग पहुंची। पति के चरित्र पर आरोप लगाते हुए पीड़ित पत्नी ने पति का भाभी के साथ अवैध संबंध होने का आरोप लगाया।पत्नी का आरोप है कि उसका पति पति कई बार 2 बजे रात में उठकर अपने भाभी के कमरे में जाता है। उसने दोनों के बीच आपत्तिजनक मैसेज देखे हैं। इसका विरोध करने पर उसके जेठ ने ही उसे मारने की कोशिश की। यह मामला बिहटा का है। आवेदिका की 3 साल की एक बेटी भी है।
नंगा होकर जेठ मारने को दौड़ा
आवेदिका ने कहा, मेरी शादी अप्रैल 2021 में हुई थी। शादी के बाद मुझे एक बेटी भी हुई, सबकुछ ठीक-ठाक चल रहा था। अचानक मैंने अपने पति और उनकी भाभी के बीच आपत्तिजनक मैसेज और हरकतें देखी, जिसका विरोध करने पर मुझे पीटा गया।जब इस बारे में मैंने अपने सास ससुर और जेठ को बताया तो उन लोगों ने भी मेरा साथ नहीं दिया। मेरे जेठ मेरे सामने बिना कपड़ों के मुझे मारने को दौड़े। मुझे घर छोड़कर जाने को कहा। मेरी और मेरी बच्ची के सारे जेवर और कुछ पैसे भी छीन लिए।
पति ने खाना खर्चा बंद कर दिया
उन्होंने आगे कहा, बहुत मिन्नत करने पर मुझे ऊपर वाले फ्लोर पर एक कमरा दे दिया, लेकिन खाना खर्चा बंद कर दिया। मेरे पति मेरे कमरे में झांकने तक नहीं आते, ना ही मुझसे बात करते हैं। वह मुझे बार-बार कहते हैं कि मैं उन्हें तलाक दे दूं।झगड़ा बढ़ने पर दुर्गा पूजा में मुझे घर से निकाल दिया। जब मैं वहां फिर से गई तो मेरे साथ मारपीट की गई। मैं डर गई और वापस अपने मायके आ गई। तब से मेरा सारा खर्चा मेरे माता-पिता उठा रहे हैं। मैंने कई बार फोन पर बात करने की और मिलने की कोशिश की, मगर उधर से कोई रिस्पांस नहीं आया।

पत्नी बात-बात पर महिला आयोग जाने की धमकी देती
दूसरी ओर पति का कहना है कि उसका अपनी भाभी के साथ कोई चक्कर नहीं है। पत्नी ही बात-बात पर झगड़ा करती है। इल्जाम मुझपर लगाती है। पत्नी बात-बात पर महिला आयोग जाने की धमकी देती है।पत्नी चाहती है कि वह अपने घरवालों से संबंध तोड़ दे, जो कि संभव नहीं है। वह अपने परिवार को छोड़कर कहीं दूसरे जगह रहना नहीं चाहता है।
महिला आयोग ने दोनों पक्ष के माता-पिता को बुलाया
बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य रश्मि रेखा सिन्हा ने कहा, आवेदिका ने अपने पति पर यह आरोप लगाए हैं कि उनके पति का अपनी भाभी के साथ अफेयर है। वो हमेशा उन्हीं के कमरे में रहते हैं। इन सबके बावजूद आवेदिका चाहती है कि वह अपने पति के साथ अलग घर लेकर रहे, लेकिन इसके लिए पति तैयार नहीं है। ऐसे में महिला आयोग ने दोनों पक्ष के माता-पिता को बुलाया है ताकि उनकी बात सुनने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।


