डेस्कः पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड को लेकर बंगाल एसटीएफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इस हत्याकांड के तार बिहार से जुड़ते चले आ रहे है। इसी सिलसिले में एसटीएफ ने बक्सर जिले में दबिश दी है। एसटीएफ की टीम मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पांडेयपट्टी निवासी विशाल श्रीवास्तव को लेकर कोलकाता रवाना हो गई।
विशाल के खिलाफ बक्सर के अलग-अलग थानों में करीब एक दर्जन मुकदमें दर्ज है जिनमें हत्या, आर्म्स एक्ट, मारपीट के मामले शामिल है। माना जा रहा है कि विशाल श्रीवास्तव से पूछताछ में कई राज खुल सकते है। हालांकि बक्सर के एसपी शुभम आर्य ने स्पष्ट नहीं किया है कि विशाल को एसटीएफ की टीम चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में लेकर कोलकाता गई है। एसपी ने बताया है कि पश्चिम बंगाल से पुलिस की टीम आई थी और विशाल श्रीवास्तव को लेकर कोलकाता चली गई है।
चंद्रनाथ हत्याकांड में मिले कई अहम सुराग
चंद्रनाथ हत्याकांड को लेकर इससे पहले एसटीएफ की टीम धनबाद पहुंची थी और उस बाइक का पता लगाया जिसमें शूटर सवार होकर आये थे। जांच में पता चला कि वो नंबर फर्जी है। इसी बीच एसटीएफ को एक और अहम सुराग हाथ लगा है। जांच के दौरान हावड़ा के एक टोल प्लाजा पर कथित तौर पर हमलावरों द्वारा किये गए यूपीआई पेमेंट का पता चला है। अधिकारी ने बताया कि कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल कि गई कार हमले से कुछ समय पहले बल्ली टोल प्लाजा से गुजरी थी, उसमें सवार लोगोें ने यूपीआई के माध्यम से पेमेंट किया था। उन्होंने कहा कि यूपीआई भुगतान से जांचकर्ताओं को संदिग्ध में से एक से जुड़े मोबाइल नंबर की पहचान करने में मदद मिली। टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज में कार और उसमें सवार लोगों की तस्वीर रिकार्ड हुई।शुभेंदु अधिकारी ने भी मीडिया में कहा था कि रथ की हत्या करने वाले शूटर बिहार से आये थे और 30 से 40 लाख रुपये में सुपारी दी गई थी। एसटीएफ की टीम को जो इनपुट मिले है उसके आधार पर वो लगातार बिहार-झारखंड में संदिग्धों की तलाश में छापेमारी कर रही है।


