वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने प्रदेश अध्यक्ष को फिर लिखी चिट्ठी, पूछा-जेटेट भाषा विवाद पर पार्टी का क्या है स्टैंड

वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने प्रदेश अध्यक्ष को फिर लिखी चिट्ठी, पूछा-जेटेट भाषा विवाद पर पार्टी का क्या है स्टैंड

रांचीः पिछले कुछ समय से झारखंड सरकार के मंत्री और कांग्रेस विधायक राधा कृष्ण किशोर लगातार चर्चा में है। अपनी ही पार्टी और सरकार से वो अलग-अलग मुद्दों पर दो टूक सवाल पूछ रहे है। कांग्रेस के प्रभारी के राजू और अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को वो लगातार घेरते नजर आ रहे है। पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज साहू और मंत्री इरफान अंसारी से मुलाकात के बाद राधा कृष्ण किशोर ने कहा था कि वो 18 मई तक चुप रहेंगे लेकिन एक बार फिर उन्होंने पार्टी अध्यक्ष को चिट्ठी लिखकर अपनी चुप्पी तोड़ दी है।
जेटेट भाषा विवाद को लेकर मुख्यमंत्री ने एक ओर जहां मंत्रियों की कमेटी बना दी है वहीं दूसरी ओर इसी मामले को लेकर राधा कृष्ण किशोर अपने प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को एक बार फिर से चिट्ठी लिखी है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष से पूछा है कि झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर पार्टी का स्टैंड क्या है। वित्त मंत्री ने इससे पहले अलग-अलग विषय पर प्रदेश अध्यक्ष को तीन बार चिट्ठी लिखी थी।

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जेटेट पर कांग्रेस का स्टैंड क्या
मंत्री ने लिखा है कि भाषा विवाद समाज और राजनीतिक संगठनों से जुड़ा है। ऐसे में भोजपुरी, मगही और अंगिका को जेटट नियमावली में शामिल करने पर पार्टी का स्टैंड जानना बेहद जरूरी है। क्योंकि प्रदेश अध्यक्ष का विचार जानने के बाद ही मंत्रियों की कमेटी बैठक में वे पार्टी का स्टैंड रख सकेंगे। उन्होंने लिखा है कि जेटट नियमावली में भोजपुरी, मगही और अंगिका को क्षेत्रीय भाषा की सूची से बाहर कर दिया गया है। जबकि पलामू, गढ़वा, चतरा, गिरिडीह, कोडरमा, गोड्डा, धनबाद, बोकारो सहित कई जिलों में भोजपुरी और मगही भाषा बोली जाती है। संथाल परगना में अंगिका बोली जाती है। गौरतलब है कि पहले इस पर आधिकारियों से राय मांगी गई थी। बाद में इसे दरकिनार कर इन भाषाओं को सूची में से बाहर कर दिया गया।

मगही, भोजपुरी, अंगिका को लेकर कार्मिक विभाग से मंत्रियों की कमेटी के सवाल
वहीं जेटट मामले को लेकर मंत्रियों के उच्चस्तरीय कमेटी की पहली बैठक 17 मई को होगी। इसके समन्वयक वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर है। कमेटी की ओर से कार्मिक विभाग को पत्र भेजकर तीन सवाल पूछे गये हैं। पहली बैठक में तीनों सवालों के जवाब और संबंधित दस्तावेज के साथ अधिकारियों को पहुंचने का निर्देश दिया गया है। कमेटी ने पूछा है कि झारखंड में बोली जाने वाली भाषा आधारित लोगों की जनसंख्या क्या है। कमेटी ने जानना चाहा है कि वर्ष 2012 तक जेटट नियमावली में भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषाओं को किस आधार पर शामिल किया गया था। कमेटी ने यह भी पूछा है कि वर्ष 2025-26 की नियमावली में इन तीनों भाषाओं को हटाने का आधार क्या है। उल्लेखनीय है कि राज्य में जेटट परीक्षा को लेकर आवेदन जमा करने की प्रक्रिया शुरू है। जैक द्वारा 21 मई तक आवेदन जमा किये जायेंगे। जेटेट की परीक्षा जुलाई तक होने की संभावना है। राज्य में 10 वर्षो से जेटट परीक्षा नहीं हुई है।

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