बिहार में विजलेंस टीम की बड़ी कार्रवाई, स्वास्थ्य विभाग का हेड क्लर्क 37 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार

बिहार में विजलेंस टीम की बड़ी कार्रवाई, स्वास्थ्य विभाग का हेड क्लर्क 37 हजार रुपये लेते गिरफ्तार

डेस्कः शुक्रवार को विजलेंस की टीम ने बिहार के जमुई जिले में एक बड़ी कार्रवाई की है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनो में अस्पताल के हेड क्लर्क रूपेश कुमार को 37 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।वेतन भुगतान के बदले एक माह की सैलरी रिश्वत के रूप में मांगने का आरोप है। कार्रवाई के दौरान अस्पताल परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा और कर्मियों के बीच अफरातफरी मची रही।
जानकारी के अनुसार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चरैया स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में कार्यरत एएनएम राजनंदनी का सात महीने का वेतन भुगतान किया गया था, लेकिन चार महीने का वेतन लंबित था। आरोप है कि बकाया राशि जारी कराने के बदले लिपिक रूपेश कुमार ने एक महीने के वेतन के बराबर रकम रिश्वत के तौर पर मांगी थी। लगातार दबाव बनाए जाने के बाद एएनएम ने इस मामले की शिकायत फरवरी महीने में निगरानी विभाग से की।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग की टीम ने पूरे मामले की गुप्त जांच की। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद विजिलेंस ने जाल बिछाकर कार्रवाई की योजना बनाई। शुक्रवार को एएनएम राजनंदनी को आरोपी लिपिक को रिश्वत की रकम देने के लिए भेजा गया। जैसे ही एएनएम ने 37 हजार रुपये आरोपी को दिए, पहले से मौजूद विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
क्या बोले निगरानी के पुलिस उपाधीक्षक?
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना के पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार ने बताया कि सीएचसी सोनो के तहत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर चरैया में कार्यरत एएनएम राजनंदनी ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना से शिकायत की थी कि उसने 2 जून 2025 को योगदान दिया था।अप्रैल माह में सात माह का वेतन भुगतान किया गया, जबकि चार माह का वेतन बकाया था। आरोप है कि बकाया वेतन भुगतान कराने के एवज में हेड क्लर्क रूपेश कुमार द्वारा एक माह की सैलरी रिश्वत के रूप में मांगी जा रही थी।

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