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नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री आवास किया खाली, एक अणे मार्ग छोड़कर बने लालू यादव के पड़ोसी

नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री आवास किया खाली, एक अणे मार्ग छोड़कर बने लालू यादव के पड़ोसी

पटनाः बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने एक मई को बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर एक अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास को खाली कर दिया है। वे 7 सर्कुलर रोड स्थित अपने आवास में शिफ्ट हो गए। सुबह से ही सामान की शिफ्टिंग की जा रही थी। दोपहर में वे स्‍वयं भी पहुंच गए। नए आवास को फूलों से सजाया गया था, जहां बौद्ध भिक्षुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इससे पहले भी आंशिक शिफ्टिंग की जा चुकी थी।शिफ्टिंग के दौरान प्लास्टिक कुर्सियां, किताबें, बुक शेल्फ, अलमारी, फाइलें और गमले जैसे सामान ट्रैक्टर के जरिए नए आवास तक पहुंचाए गए।

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पसंदीदा रहा 7 सर्कुलर रोड, पहले भी रह चुके हैं यहां
बताया जाता है कि 7 सर्कुलर रोड स्थित यह बंगला नीतीश कुमार का पसंदीदा रहा है। वे पहले भी कई बार यहां आकर निरीक्षण कर चुके हैं। कुछ समय तक यहीं से कामकाज भी संचालित होता रहा। बंगले के लॉन में विशेष घास कोलकाता से मंगवाकर लगाई गई है।7 सर्कुलर रोड स्थित यह बंगला खास तौर पर आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है और इसे भूकंपरोधी बनाया गया है, ताकि बड़े झटकों को भी सह सके। बंगले के लॉन को आकर्षक बनाने के लिए कोलकाता से विशेष घास मंगवाई गई है। इस नए आवास में शिफ्ट होने के बाद नीतीश कुमार और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव अब पड़ोसी बन गए हैं। राबड़ी देवी का आवास यहां से महज दो घर की दूरी पर है और दोनों के बीच लगभग 200 मीटर का फासला है। दोनों आवास सर्कुलर रोड के दक्षिण दिशा में स्थित हैं।
20 साल में दूसरी बार छोड़ा CM आवास
गौरतलब है कि नीतीश कुमार पहली बार 2006 में 1 अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास में आए थे। 2014 में लोकसभा चुनाव के बाद इस्तीफा देने पर वे इसी 7 सर्कुलर रोड बंगले में शिफ्ट हुए थे। तब जीतन राम मांझी को सत्‍ता सौंपी थी और करीब आठ महीने यहीं रहे। मांझी को हटाए जाने के बाद दोबारा मुख्यमंत्री आवास लौटे थे।अब करीब 20 वर्षों में यह दूसरी बार है जब उन्होंने 1 अणे मार्ग छोड़ा है। वर्तमान में उनके आवास पर Z+ सुरक्षा व्यवस्था तैनात है।वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव हारने के बाद जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ा था और जीतन राम मांझी को सीएम बनाया था, तब वे इसी बंगले में रहने लगे थे। बाद में इसी आवास से उन्होंने दोबारा सत्ता में वापसी की। हालांकि 2015 में फिर से मुख्यमंत्री बनने के बाद वे 1 अणे मार्ग लौट गए थे, लेकिन इस बंगले को अपने पास ही रखा।संख्या 7 को नीतीश कुमार अपने लिए शुभ मानते हैं। उनके राजनीतिक जीवन में यह अंक कई बार अहम रहा है—चाहे वह 1977 में राजनीति की शुरुआत हो, 1987 में युवा लोकदल के अध्यक्ष बनना हो या उनकी योजनाओं का नाम ‘सात निश्चय’ रखना हो। वर्तमान में बिहार सरकार ‘सात निश्चय पार्ट-3’ पर काम कर रही है।
लालू परिवार के करीब नया ठिकाना, सियासी चर्चा तेज
दिलचस्प यह है कि 7 सर्कुलर रोड से महज 200 मीटर की दूरी पर लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी का आवास 10 सर्कुलर रोड स्थित है।उन्हें पूर्व में यह आवास खाली करने का नोटिस दिया गया था और हार्डिंग रोड स्थित बंगला आवंटित किया गया था, लेकिन इस पर सियासी विवाद बढ़ने के बाद फिलहाल प्रक्रिया स्थगित है।करीब 19 वर्षों तक 1 अणे मार्ग बिहार की सत्ता का केंद्र रहा, जहां से नीतीश कुमार ने राज्य की राजनीति और प्रशासन को दिशा दी। अब राज्यसभा जाने के बाद उनका 7 सर्कुलर रोड में शिफ्ट होना बिहार की राजनीति में उनकी नई भूमिका की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

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