DESK: बिहार के कई जिले भीषण गर्मी की चपेट में हैं। 9 जिलों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। इनमें 4 जिलों का पारा 43 डिग्री के करीब दर्ज किया गया। रविवार को 43 डिग्री के साथ रोहतास सबसे गर्म जिला रहा। गया, कैमूर और बक्सर में पारा 42 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया, जबकि रोहतास और औरंगाबाद में भी 43 डिग्री से ज्यादा तापमान ने लोगों को बेहाल कर दिया। IMD ने पटना समेत कई जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है, सीमांचल के कुछ इलाकों में बारिश से राहत मिलने की संभावना जताई गई है।
बिहार का दक्षिण और पश्चिमी हिस्सा इस समय आग के गोले जैसा तप रहा है। रविवार को गया, कैमूर और बक्सर में पारा 42 डिग्री सेल्सियस के स्तर को छू गया, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। सबसे बुरा हाल रोहतास के डेहरी का रहा, जहां तापमान 43 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक था।लू जैसे हालात होने के कारण पटना और आसपास के इलाकों में भी जनजीवन अस्त-व्यस्त है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो 20 से 24 अप्रैल के बीच दक्षिण बिहार के जिलों में हीटवेव की स्थिति और गंभीर हो सकती है। अगर आप इन इलाकों में रहते हैं, तो दोपहर के समय घर से बाहर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं है।
सीमांचल और उत्तर बिहार के कुछ जिलों में कुदरत मेहरबान दिखी। किशनगंज, सुपौल और खगड़िया में देर रात धूल भरी आंधी के साथ हुई तेज बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। सुपौल के राघोपुर और कटिहार के बारसोई में अच्छी-खासी बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई है। आंधी का असर इतना तेज था कि सुपौल में कई जगहों पर पेड़ गिर गए और बिजली आपूर्ति बाधित हुई। मौसम विभाग ने आज भी अररिया और किशनगंज जैसे जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे यहां के लोगों को फिलहाल लू से राहत मिलती रहेगी।मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 25 अप्रैल के बाद कुछ जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे तापमान में गिरावट आएगी. फिलहाल अगले कुछ दिन गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है।


