हेमंत सोरेन का मिशन बंगाल शनिवार से शुरू, ममता बनर्जी के समर्थन में करेंगे धुआंधार प्रचार

Picture of Live Dainik

Live Dainik

April 17, 2026

असम में JMM उम्मीदवार के प्रदर्शन से हेमंत सोरेन संतुष्ट, मुख्यमंत्री ने कहा-चुनाव का परिणाम हमारा हौसला बढ़ाने वाला 

रांचीः पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव के बीच झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का मिशन पश्चिम बंगाल शनिवार से शुरू हो रहा है। हेमंत सोरेन 18 अप्रैल से लेकर 20 अप्रैल तक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएससी उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार करेंगे। असम में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने धुआंधार चुनाव जेएमएम उम्मीदवार के लिए किया था और अब बंगाल के चुनावी रण में हेमंत सोरेन गरजेंगे।

महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल लोकसभा में गिरा,पक्ष में 298 और विरोध में पड़े 230 वोट
मुख्यमंत्री और झाखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन के चुनावी अभियान की शुरुआत पुरुलिया जिले से होगी, जहां वे काशीपुर समेत तीन अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। वे रांची से हेलीकॉप्टर के जरिए रवाना होंगे और शाम तक वापस लौटेंगे।फिर अगले दो दिनों तक उनका दौरा बांकुड़ा, मिदनापुर और झाड़ग्राम जैसे जिलों में भी प्रस्तावित है।

See also  आईएएस पूजा सिंघल के ठिकानों से करीब 150 करोड़ बेहिसाब संपत्ति के दस्तावेज मिले

हजारीबाग मुठभेड़: 15 लाख का इनामी माओवादी शाहदेव महतो समेत 4 नक्सली मारे गए , महिला नक्सली नताशा भी ढेर
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने रणनीतिक रूप से इस बार बंगाल चुनाव में अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं। पार्टी ने पहले ही ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की थी। झामुमो महासचिव विनोद पांडेय के अनुसार, मुख्यमंत्री और पार्टी की स्टार प्रचारक कल्पना सोरेन भी इस अभियान में शामिल होकर टीएमसी उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाएंगी।पार्टी का मानना है कि आदिवासी बहुल इलाकों में झामुमो की पकड़ का फायदा सीधे तौर पर टीएमसी को मिलेगा।हेमंत सोरेन का यह दौरा राजनीतिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया और झाड़ग्राम जैसे जिले झारखंड की सीमा से सटे हैं, जहां संथाली और अन्य आदिवासी समुदायों की अच्छी संख्या है। यहां झामुमो का पारंपरिक प्रभाव रहा है। ऐसे में हेमंत सोरेन का प्रचार करना न केवल मतों के ध्रुवीकरण में सहायक होगा, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ क्षेत्रीय दलों की एकजुटता का एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी है।

See also  पटना में एक घर से निकले 40 से ज्यादा जहरीले सांप, इलाके में मचा हड़कंप

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता का करीबी दिनेश अग्रवाल गिरफ्तार, रिम्स में मंत्री ने दिलाया था ‘खास’ कमरा, विनय चौबे का करीबी भी अरेस्ट
बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से ठीक पहले हेमंत सोरेन का यह दौरा टीएमसी के लिए ‘बूस्टर’ साबित हो सकता है। झामुमो नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि वे पूरी मजबूती के साथ चुनावी मैदान में डटे रहेंगे ताकि “विभाजनकारी शक्तियों” को रोका जा सके। पुरुलिया की जनसभाओं के बाद 19 और 20 अप्रैल के कार्यक्रमों के लिए पार्टी ने विशेष तैयारी की है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now