रांचीः रिम्स की सरकारी जमीन के अवैध कब्जे और खरीद-बिक्री के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शिकंजा कस दिया है। जांच के बाद एसीबी ने 16 सरकारी कर्मचारियों को चिन्ह्रित किया है। इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी के लिए मंत्रिमंडल निगरानी विभाग से अनुमति मांगी जा रही है। अनुमति मिलते ही इन कर्मियों पर बड़ी कार्रवाई तय है।
धनबाद में जमीन फटनें से घरों में दरारें, दहशत का माहौल; BCCL से तत्काल पुनर्वास की मांग
इस मामले में मंगलवार को ही एसीबी ने एक बिल्डर और दलाल समेत चार लोगों को जेल भेजा है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि फर्जी वंशावली के आधार पर रिम्स की जमीन को महज 31 लाख रुपए में बिल्डर को बेच दिया गया था। सौदे में जमीन बेचने वालों ने बनने वाले फ्लैट में भी हिस्सा तय किया था। हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज केस 01/ 2026 में एसीबी अब उन कड़ियों को जोड़ रही है, जिन्होंने अवैध रजिस्ट्री और म्यूटेशन में मदद की। एसीबी की रडार पर आए अधिकारी-कर्मी जिन विभागों से हैं, उनमें रांची राजस्व कार्यालय और निबंधन विभाग, रांची नगर निगम और रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार और रेरा शामिल है।


