हजारीबाग : बोकारो के बाद झारखंड के हजारीबाग जिले से एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों में ट्रेजरी से करीब ₹15 करोड़ से अधिक की अवैध निकासी की गई है। यह मामला तब उजागर हुआ जब बोकारो ट्रेजरी घोटाले की जांच के बाद राज्यभर में सतर्कता बढ़ाई गई।
कैसे हुआ घोटाला? (Modus Operandi)
जांच में सामने आया है कि इस घोटाले में रिटायर्ड और कार्यरत कर्मचारियों के नाम पर फर्जी तरीके से पैसे निकाले गए।
- वेतन मद का इस्तेमाल कर निकासी की गई
- फर्जी दस्तावेज और खातों के जरिए रकम ट्रांसफर की गई
- लंबे समय तक सिस्टम की खामियों का फायदा उठाया गया
जांच के घेरे में पुलिसकर्मी
इस मामले में दो पुलिसकर्मियों —
- शंभू
- पंकज
पर गंभीर आरोप लगे हैं। दोनों पर रिटायर्ड कर्मचारियों के नाम पर फर्जी भुगतान निकालने का संदेह है। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। बताया जा रहा है कि तीन पुलिसकर्मियों को हिरासत में लिया गया है ।
डीसी-एसपी की संयुक्त टीम कर रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की है।
- डीसी और एसपी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित
- मुख्यालय से भी अतिरिक्त टीम भेजी गई
- दो संदिग्ध बैंक खातों की गहन जांच जारी
बोकारो घोटाले से जुड़ा कनेक्शन
यह खुलासा बोकारो ट्रेजरी में हुए ₹4.29 करोड़ के घोटाले के बाद हुआ है। उसी जांच के दौरान कई संदिग्ध लेन-देन सामने आए, जिससे हजारीबाग में भी जांच शुरू की गई। झारखंड के सभी 33 ट्रेजरी को जांच के आदेश दिए गए हैं ।
प्रशासन में हड़कंप, और खुलासों की आशंका
हजारीबाग ट्रेजरी घोटाले के सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।


